अंबाला रेलवे भर्ती में फर्जीवाड़ा, AI कैमरे ने पकड़े 7 मुन्नाभाई; दो पर केस

अंबाला रेलवे भर्ती में फर्जीवाड़ा, AI कैमरे ने पकड़े 7 मुन्नाभाई; दो पर केस

अंबाला छावनी के रेलवे स्टेडियम में रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। रेलवे ने पहली बार एआई कैमरों की मदद से तीन दिन में सात ऐसे अभ्यर्थियों को पकड़ा, जो दूसरे उम्मीदवारों के नाम पर परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से दो आरोपी मौके से फरार हुए हैं, जबकि दो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। बाकी पांच मामलों की जांच जारी है।

रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ यानी आरआरसी की ओर से आयोजित इस परीक्षा में 35 किग्रा भार उठाने के साथ 100 मीटर और 1000 मीटर की दौड़ कराई जा रही है। परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी करने वाली प्राइवेट एजेंसी के एआई कैमरों के डेटा और बायोमीट्रिक मिलान के दौरान फर्जीवाड़े का पता चला।

अलग-अलग शहरों में दूसरे उम्मीदवारों की जगह दी परीक्षा

मंडल कार्यालय अंबाला छावनी के अधिकारियों के अनुसार, 22 से 28 सितंबर 2026 तक शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसी दौरान रिकॉर्ड की जांच में अलग-अलग शहरों में दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने के मामले सामने आए।

पहले मामले में राजस्थान के अलवर के नजदीक रूपबास गांव निवासी गिरराज मीना अंबाला में परीक्षा देने पहुंचा था। जांच में सामने आया कि वह 5 सितंबर 2026 को नागपुर में राहुल मीना नामक उम्मीदवार के नाम पर शारीरिक दक्षता परीक्षा दे चुका था। पूछताछ में उसने बताया कि राहुल मीना उसकी बुआ का लड़का है।

दूसरे मामले में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के शाहपुर गांव निवासी संदीप कुमार यादव एआई चेकिंग में पकड़ा गया। रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि उसने 6 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश के रतलाम में अपने रिश्तेदार अभिषेक की जगह परीक्षा दी थी।

दोस्त की जगह परीक्षा देने के बाद खुद दौड़ने पहुंचा सतीश

जांच के दौरान हिसार की जाखल रेलवे कॉलोनी निवासी सतीश का मामला भी सामने आया। 22 सितंबर को उसने अपने दोस्त दीपक के स्थान पर परीक्षा दी। इसके बाद 23 सितंबर को वह खुद अपनी परीक्षा देने पहुंचा, जहां फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।

मामला सामने आने के बाद सतीश मौके से भाग निकला।

शुक्रवार को तीन और संदिग्ध पकड़े गए

शुक्रवार को भर्ती प्रक्रिया के दौरान तीन और युवकों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। ये तीनों भी एआई कैमरे की जांच में सामने आए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों संदिग्ध किसी अन्य उम्मीदवार की जगह शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हो चुके हैं।

रेलवे फिलहाल इन मामलों की अपने स्तर पर जांच कर रहा है। इस संबंध में जल्द ही तीसरी शिकायत पुलिस में दिए जाने की बात सामने आई है।

रेलवे ने सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस को दी शिकायत

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक अंबाला की ओर से गठित तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति ने कार्रवाई शुरू की। सेंटर इंचार्ज सह वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी के निर्देश पर समिति सदस्य सह सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार ने पड़ाव थाना अधिकारी को लिखित शिकायत दी।

शिकायत में सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और एआई कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

छल और धोखाधड़ी की धाराओं में दो पर FIR

उत्तर रेलवे के सहायक कार्मिक अधिकारी सुरेश कुमार की शिकायत के आधार पर पड़ाव थाना पुलिस ने छल/प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी की धारा 319(2) और 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पड़ाव थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि सतीश 22 सितंबर को अभ्यर्थी दीपक की जगह परीक्षा में शामिल हुआ था। इसके बाद 23 सितंबर को वह सतीश कुमार के स्थान पर दौड़ लगाने पहुंच गया।

पुलिस ने दोनों अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड रेलवे से मांगा है, ताकि दोनों की धरपकड़ की जा सके। वहीं, दूसरे मामलों का घटनास्थल रतलाम होने के कारण डीडीआर काटकर रतलाम भेजी जा रही है।

चेहरे के मिलान से ऐसे पकड़ता है एआई कैमरा

भर्ती बोर्डों ने सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से लैस कैमरों का इस्तेमाल शुरू किया है। ये कैमरे बॉयोमेट्रिक सिस्टम से जुड़े रहते हैं और फर्जीवाड़े की पहचान में मदद करते हैं।

परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय एआई कैमरा अभ्यर्थी के चेहरे को स्कैन करता है। इसके बाद चेहरे का मिलान आधार डेटा और आवेदन पत्र में लगी तस्वीर से किया जाता है। चेहरे के नैन-नक्श में अंतर मिलने पर सिस्टम रेड सिग्नल देता है।

अधिकारी ने बताया, पहली बार हुआ एआई कैमरों का इस्तेमाल

अधिकारी के अनुसार, अंबाला मंडल के रेलवे स्टेडियम में ग्रुप डी के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षा में पहली बार एआई कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी मदद से फर्जीवाड़े के कुछ मामले सामने आए हैं और इन मामलों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।