MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन में उतरेंगे अभिजीत दीपके, सरकार को युवाओं के वोट की चेतावनी

MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन में उतरेंगे अभिजीत दीपके, सरकार को युवाओं के वोट की चेतावनी
हाइलाइट :
• MPSC छात्रों के सत्याग्रह में शामिल होंगे अभिजीत दीपके
• 20 लाख से ज्यादा युवाओं की परीक्षा की तैयारी का दावा
• पेपर लीक, भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग
• सरकार को युवाओं के वोट से जवाब देने की चेतावनी

महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन को अब अभिजीत दीपके का समर्थन मिलने जा रहा है। छात्र नेता दीपके पुणे पहुंचकर MPSC अभ्यर्थियों के सत्याग्रह में शामिल होंगे। उन्होंने कहा है कि राज्य में 20 लाख से अधिक युवा इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए।

दीपके ने युवाओं को केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाला वर्ग नहीं बताया, बल्कि उन्हें मतदाता भी बताया। उन्होंने कहा कि अगर युवाओं की नाराजगी दूर नहीं हुई तो इसका जवाब मतदान के जरिए भी सामने आ सकता है।

‘आज आवाज नहीं सुनी तो कल वोट से जवाब देंगे’

अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में सरकार को युवाओं की नाराजगी को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार आज उनकी आवाज नहीं सुनती है, तो कल यही युवा अपने वोट के जरिए सरकार को जवाब देंगे।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब MPSC अभ्यर्थियों का सत्याग्रह जारी है और छात्र परीक्षा तथा भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

रोहित पवार ने बताया- सत्याग्रह में शामिल होंगे दीपके

रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि छात्र नेता अभिजीत दीपके बुधवार शाम MPSC अभ्यर्थियों के सत्याग्रह में शामिल होने और आंदोलन को समर्थन देने पुणे पहुंच रहे हैं।

रोहित पवार ने अपनी पोस्ट में दीपके का जिक्र करते हुए उन्हें राज्य के शिक्षा मंत्री का विकेट गिराने वाला छात्र नेता बताया।

पेपर लीक से लेकर भर्ती तक इन मुद्दों पर आंदोलन

MPSC अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक के विवाद और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ताजा विवाद औषधि निरीक्षक भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले के बाद बढ़ा है।

छात्र MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग के साथ खाली सरकारी पदों पर जल्द भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग भी कर रहे हैं।

परीक्षा के प्रारूप को लेकर भी अभ्यर्थियों के बीच अलग-अलग राय है। एक समूह बहुविकल्पीय परीक्षा पद्धति को फिर से लागू करने की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा समूह 2025 में शुरू की गई वर्णनात्मक परीक्षा पद्धति को जारी रखने के पक्ष में है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर भी आंदोलन कर चुके हैं दीपके

अभिजीत दीपके इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में आंदोलन कर चुके हैं। दो अक्तूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में उनकी अगुवाई में हुए प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए थे।

दीपके की पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए थे। पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी जुटे थे।

दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर सरकार प्रदर्शनकारियों को जेल भेजना चाहती है, तो ऐसा करके दिखाए। उन्होंने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही थी।