महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक गिरा

Authored By: News Corridors Desk | 17 Apr 2026, 11:09 PM
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दिल्ली। महिला आरक्षण को 2029 से पहले धरातल पर उतारने के लिए केंद्र सरकार की तरफ़ से लोकसभा में लाए गये संशोधन विधेयक पर जरूरी दो तिहाई बहुमत नहीं मिल सका और यह विधेयक गिर गया। इसके साथ ही निर्वाचन क्षेत्रों को पुनर्निर्धारित करने के लिए लाए गए दो अन्य विधेयकों को सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया।

मोदी सरकार ने लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए साल 2023 में संसद से पारित नारी शक्ति वंदन क़ानून को लागू कराने के लिए संविधान में 131 वां संशोधन पेश किया था।

इस संशोधन को पारित कराने के लिए संसद की बैठक विशेष तौर पर बुलाई गई थी। 16 अप्रैल से इस पर चर्चा शुरू हुई दो 17 अप्रैल देर शाम तक चली। इस दौरान जहां सत्ता पक्ष के वक्ताओं ने इसे पारित करने की ज़रूरत पर अपने तर्क रखे वहीं विपक्ष ने नई जनगणना से पहले इसे लागू कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर सवाल उठाए।

सरकार की तरफ़ से उन सभी सवालों के जवाब देने की कोशिश की गई जो विपक्ष की तरफ़ से उठाए जा रहे थे। संशोधन विधेयकों पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन और जनगणना को लेकर विपक्ष की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया लेकिन विपक्ष के सभी दल अपने रवैये से टस से मस नहीं हुए। आख़िरकार जब शुक्रवार की देर शाम वोटिंग कराई गई तब 298 सांसदों के वोट पक्ष में और 230 सांसदों के वोट इसके विपक्ष में पड़े। वोटिंग में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। विधेयक को पारित कराने के लिए 352 वोट की ज़रूरत थी।