पश्चिम बंगाल चुनाव: काउंटिंग से पहले बड़ा एक्शन, 165 ऑब्जर्वर और 77 पुलिस अफसर तैनात निष्पक्ष और सुरक्षित काउंटिंग सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, QR कोड एंट्री और मोबाइल पर बैन सोचिए… लाखों वोट डाले जा चुके हैं, अब सबकी नजर सिर्फ एक दिन पर है—काउंटिंग डे। यहीं तय होता है कि किसकी सरकार बनेगी… और किसका सफर खत्म होगा। इसी अहम दिन को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में सख्त कदम उठाए हैं।
काउंटिंग से पहले सख्त तैयारी
Election Commission of India (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की काउंटिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए हैं, ताकि हर चरण पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।
सुरक्षा और निष्पक्षता पर फोकस
चुनाव आयोग के मुताबिक, इन अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य काउंटिंग के दौरान किसी भी तरह के दबाव, गड़बड़ी या हिंसा को रोकना है। पूरी प्रक्रिया को “secure, peaceful और intimidation-free” बनाने पर खास जोर दिया गया है।
काउंटिंग हॉल में सख्त नियम लागू
काउंटिंग सेंटर के अंदर नियम और भी कड़े कर दिए गए हैं। किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। एंट्री केवल QR code आधारित ID के जरिए ही मिलेगी। पुलिस ऑब्जर्वर काउंटिंग हॉल के अंदर नहीं जाएंगे, लेकिन बाहर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हर वोट पर होगी पैनी नजर
हर टेबल पर माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात होंगे, जो हर राउंड के बाद वोटों का मिलान करेंगे। काउंटिंग सुपरवाइजर द्वारा तैयार किए गए रिजल्ट को Form 17C में दर्ज किया जाएगा और काउंटिंग एजेंट्स के साथ साझा किया जाएगा।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश
इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव परिणाम पूरी तरह पारदर्शी हों और किसी भी तरह के विवाद की गुंजाइश न रहे।