दलीप ट्रॉफी फाइनल में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा शतक से महज 1 रन दूर रह गए। ईस्ट जोन के खिलाफ पहली पारी में तिलक वर्मा 99 रन बनाकर आउट हुए। उनके आउट होते ही साउथ जोन की पहली पारी भी समाप्त हो गई। टीम ने पहली पारी में 336 रन बनाए, जबकि ईस्ट जोन ने 708 रन का स्कोर खड़ा किया था और उसे 372 रन की बढ़त मिली।
211 गेंदों पर बनाए 99 रन
तिलक वर्मा को ईस्ट जोन के स्पिनर मोहम्मद कुनैन कुरैशी ने आउट किया। कुरैशी ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच पकड़ा।
तिलक ने 211 गेंदों की अपनी पारी में 9 चौके लगाए और 99 रन बनाए। इस पारी के साथ वह अपने 9वें फर्स्ट क्लास शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। पहली पारी में 99 रन के साथ तिलक साउथ जोन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
दो अर्धशतकीय साझेदारियों से संभाली पारी
तिलक वर्मा ने पारी के दौरान दो बड़ी साझेदारियां कीं। छठे विकेट के लिए उन्होंने श्रेयस गोपाल के साथ 66 रन जोड़े। इसके बाद सातवें विकेट के लिए सी. मिलिंद के साथ 78 रन की साझेदारी की।
ये साउथ जोन की पहली पारी की दो सबसे बड़ी साझेदारियां रहीं। इन साझेदारियों की मदद से साउथ जोन का स्कोर 300 के पार पहुंचा, लेकिन टीम ईस्ट जोन के 708 रन के स्कोर से काफी पीछे रही।
चौथे दिन 90 रन जोड़कर ऑल आउट हुआ साउथ जोन
साउथ जोन ने तीसरे दिन का खेल 6 विकेट पर 246 रन के स्कोर से आगे शुरू किया था। चौथे दिन टीम ने अपनी पहली पारी के स्कोर में 90 रन और जोड़े, लेकिन इसके बाद पूरी टीम ऑल आउट हो गई।
तिलक वर्मा के अलावा देवदत्त पडिक्कल ने भी साउथ जोन की ओर से अर्धशतक लगाया। पडिक्कल 56 रन बनाकर आउट हुए।
मुकेश कुमार रहे ईस्ट जोन के सबसे सफल गेंदबाज
ईस्ट जोन की ओर से पहली पारी में मुकेश कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद शमी और मोहम्मद कुनैन कुरैशी को 2-2 विकेट मिले