ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, देश के दक्षिणी प्रांत में तेल और गैस उत्पादन से जुड़ी कई सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यमन में लड़ाई फिर तेज हो गई है। सऊदी अरब के समर्थन वाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार ने हूती विद्रोहियों से इलाके वापस लेने के लिए जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया है।
हूतियों ने इन ठिकानों पर हमले की जिम्मेदारी ली
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका कहना है कि हमलों में अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और सरकारी तेल कंपनी अरामको से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
ये हमले अभा और जिजान में किए गए। दोनों इलाके सऊदी अरब और यमन की सीमा के पास स्थित हैं। हूती विद्रोही यमन के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाकों और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं।
सऊदी अरब ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
हूती हमलों के बाद सऊदी अरब ने कड़ा जवाब देने की बात कही है। सऊदी अधिकारियों और सरकारी मीडिया के अनुसार, हमलों के कारण कई जगह आग लग गई और कुछ कामकाज को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में सऊदी अरब की तेल से जुड़ी सुविधाएं आग की चपेट में दिखाई दीं। इन सुविधाओं को हूती ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया था।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन 2015 से यमन सरकार की ओर से हूतियों के खिलाफ लड़ रहा है। गठबंधन की ज्वाइंट फोर्सेज कमांड ने कहा कि हालिया हमलों में नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 73 नागरिक घायल हुए।
कमांड ने यह भी कहा कि खतरे के सोर्स को जवाब देने और उसके खतरे को खत्म करने के लिए सभी जरूरी कदम और कार्रवाई की जाएगी।
जेल पर हमले में 11 लोगों की मौत का दावा
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले ऐसे वक्त किए हैं, जब यमन में सैन्य कार्रवाई तेज है। हूतियों ने सऊदी अरब पर भी कई जगह हमले करने का आरोप लगाया है।
हूतियों का कहना है कि सऊदी अरब ने कई जगहों पर हमले किए, जिसमें एक जेल पर किया गया घातक हमला भी शामिल है। इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ा तनाव
हूती विद्रोही जुलाई में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी का ऐलान करने के बाद से सऊदी अरब की ओर हमले कर रहे हैं। इन हमलों में लाल सागर में मौजूद सऊदी जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले यमन गठबंधन के प्रवक्ता ने मंगलवार को हाल की स्थिति को “खतरनाक” बताया। उन्होंने कहा कि हूतियों ने दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक और असल में ओपेक के प्रमुख देश सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर हमला किया है।
इन हमलों ने सऊदी अरब के लिए सुरक्षा चुनौती बढ़ा दी है। इसी बीच, मक्का समझौते में पाकिस्तान के बाद तुर्की के शामिल होने का भी उल्लेख किया गया है। इस समझौते के तहत किसी भी एक देश पर हमला सब पर हमला माना जाएगा।