ओडिशा के बालासोर जिले के बिचित्रपुर जंगल में वन विभाग की गश्ती टीम को पांच ओरंगुटान मिले हैं। ये जानवर भारत में नहीं पाए जाते हैं, इसलिए इनके यहां पहुंचने को लेकर अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक तस्करी से जुड़ा कोई पक्का सबूत नहीं मिला है।
बालासोर के डीएफओ इंदलकर प्रतीक प्रकाश ने बताया कि पांचों ओरंगुटान को सुरक्षित रेस्क्यू कर उदयपुर सेक्शन ऑफिस ले जाया गया है, जहां पशु डॉक्टरों, जीव विज्ञानियों और वैज्ञानिकों की टीम उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है।
सुबह मिली पांच जानवरों की सूचना
डीएफओ इंदलकर प्रतीक प्रकाश के अनुसार, सुबह करीब 6:00 बजे स्थानीय वन अधिकारियों को वीएसएस (VSS) सदस्य से पांच जानवरों के देखे जाने की सूचना मिली। वन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि वहां ओरंगुटान मौजूद हैं।
ये पांचों ओरंगुटान 'रणकथा' नाम के एक संरक्षित वन के पास, भोगराई ब्लॉक के बडापाली गांव के करीब मिले। अधिकारियों के मुताबिक, वे छोटे थे और ज्यादा हिल-डुल नहीं रहे थे, लेकिन एक्टिव थे।
उन्हें खाने के लिए भोजन दिया गया और इसके बाद रेस्क्यू कर सेक्शन ऑफिस लाया गया।
कैसे पहुंचे बालासोर के जंगल में?
वन विभाग के मुताबिक, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पांचों ओरंगुटान को कल रात या आज सुबह-सुबह वहां छोड़ा गया होगा। हालांकि, तस्करी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन फिलहाल इसका कोई पक्का सबूत नहीं मिला है।
डीएफओ के अनुसार, ओरंगुटान का प्राकृतिक निवास उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforests) होता है। ऐसे में वे खुद चलकर या प्राकृतिक रूप से यहां नहीं आ सकते थे। इसी वजह से मामले में किसी इंसान के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
वे यहां कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है।
पांचों ओरंगुटान की उम्र एक साल से कम
रेस्क्यू किए गए पांचों ओरंगुटान में दो मादा और तीन नर हैं। सभी की उम्र एक साल से कम है। उनकी सही जांच और देखभाल के लिए उन्हें उदयपुर सेक्शन ऑफिस ले जाया गया है।
पशु डॉक्टर, जीव विज्ञानी और वैज्ञानिकों की टीम मिलकर उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है।
CCTV फुटेज और कई एजेंसियां जांच में जुटीं
वन विभाग ने मामले की पड़ताल के लिए इलाके में छानबीन शुरू कर दी है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जा रही है।
इस मामले में पुलिस, डब्ल्यूसीसीबी (WCCB) और एसटीएफ (STF) जैसी एजेंसियों के साथ मिलकर पूरी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये ओरंगुटान यहां कैसे पहुंचे।
उधर, इन विदेशी जानवरों को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ भी जमा हो रही है। प्रशासन ने लोगों से ओरंगुटान से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।