रेवंत रेड्डी के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नरेंद्र मोदी की तुलना मारीच से कर दी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है।
रेवंत रेड्डी ने अपने बयान में कहा कि केंद्र सरकार एक बिल को 2029 के चुनावी फायदे के लिए ला रही है। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह मारीच ने सीता हरण की घटना में भूमिका निभाई थी, उसी तरह प्रधानमंत्री और एनडीए संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी।
इस बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की तुलना प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की राजनीति अब नफरत पर आधारित हो गई है।
पूनावाला ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के नेताओं को किसी वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत हमले करें। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है और विभिन्न मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी जारी है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे राजनीतिक बहस और अधिक तीखी हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं और जनमत को भी प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देखे जाते हैं। वहीं, ऐसे विवाद अक्सर राजनीतिक दलों के बीच तनाव को और बढ़ा देते हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है और क्या इससे राजनीतिक माहौल पर कोई बड़ा असर पड़ता है।