राजभर ने अखिलेश को उपहार में दे दी ‘बिन मांगी सलाह’

राजभर ने अखिलेश को उपहार में दे दी  ‘बिन मांगी सलाह’

यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उनके जन्मदिन पर उपहार में आरामतलबी और आलस्य त्यागने की सलाह दी है।

सुहेल देव पार्टी के अध्यक्ष राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।

उन्होंने लिखा बहुत सोचा कि आपको उपहार में क्या दूं। आप ठहरे बड़े घर के बेटे, पिताजी पूर्व सीएम और रक्षामंत्री रहे, आप खुद पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, आलिशान बंगलों में जीवन गुजरा है। हम भला क्या दे सकते हैं आपको।

आगे उन्होंने लिखा, मगर उम्र और अनुभव में बड़ा होने के नाते एक बेशकीमती सलाह हम आपको दे सकते हैं। इस सलाह को ही जन्मदिन पर मेरी तरफ से उपहार मानिएगा।

यूपी के मंत्री ने कहा, सलाह यही है कि आप अपनी आलसी और आरामतलबी वाली जिंदगी से जितना जल्दी हो सके बाहर निकलिए। एसी और पीसी वाली राजनीति का जितना जल्दी हो सके त्याग करेंगे उतना आपके लिए अच्छा रहेगा।

राजभर ने कहा कि आलस से बाहर निकलकर गांव-देहात की पगडंडियां भी नापिए। गैर-यादव पिछड़ों, गरीबों, दलितों, वंचितों और समाज के हर वर्ग के बीच जाकर, उनके सुख-दुख में शामिल होइए। नये उत्तर प्रदेश को देखिए और समझने का प्रयास कीजिए। बस खाली एसी में बैठकर ट्विटर पर खेत-किसान, मेड़-पगडंडी वाला वीडियो मत देखते रहिए। खेत में जाकर खुद किसानी समझिए।

इस पोस्ट में आगे कहा गया, हां... ये हो सकता है कि शुरु-शुरु में मेड़-पगडंडी पर चलते-चलते आपका पैर मुचुक जाए, कांटा धंस जाए। ऊपर से घाम (धूप) भी लगेगा और पसीना से तर भी हो जाएंगे, लेकिन लगातार कोशिश करते रहेंगे तो एक न एक दिन गांव की राजनीति से प्रदेश की राजनीति का असली रास्ता भी समझ में आ ही जाएगा।

आख़िर में इसमें कहा गया, अखिलेश बाबू, जमीन से जुड़ने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, उसके लिए मेड़ पर गोड़ रगड़ना ही पड़ता है। हम ही से सीख लीजिए, 48 डिग्री में भी गांव-गांव घूमता हूं।