पुणे को 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात देंगे पीएम मोदी

पुणे को 21,800 करोड़ की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात देंगे पीएम मोदी
  • हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर तक दौड़ेगी 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन
  • पिंक लाइन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा संचालित होगी
  • दूसरे चरण में चार नए मेट्रो कॉरिडोर का होगा विस्तार
  • खराड़ी, हड़पसर और खड़कवासला समेत कई इलाके जुड़ेंगे

Pune Metro Projects PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र के पुणे को करीब 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन करेंगे और मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर वह सभा को भी संबोधित करेंगे। इन परियोजनाओं से पुणे के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का बड़े स्तर पर विस्तार होगा। खास बात यह है कि पिंक लाइन न केवल शहर के प्रमुख आईटी केंद्र हिंजेवाड़ी को शिवाजीनगर से जोड़ेगी, बल्कि इसका संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में चार नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जो शहर के प्रमुख आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देंगे।

8,300 करोड़ से अधिक की लागत से बनी पिंक लाइन का उद्घाटन

प्रधानमंत्री पुणे मेट्रो की लाइन-3 का उद्घाटन करेंगे। इसे पिंक लाइन के नाम से भी जाना जाता है। इस परियोजना पर 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। लगभग 23 किलोमीटर लंबा यह मेट्रो कॉरिडोर मान (Maan) को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। इसके जरिए हिंजेवाड़ी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क और शिवाजीनगर के बीच सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

हिंजेवाड़ी पुणे के प्रमुख आईटी और रोजगार केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को रोजाना आवागमन के दौरान यातायात की समस्या का सामना करना पड़ता है। पिंक लाइन शुरू होने से आईटी पेशेवरों और अन्य यात्रियों को आवागमन का एक वैकल्पिक और सुविधाजनक साधन मिलेगा। यह कॉरिडोर मौजूदा पुणे मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ेगा, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच यात्रा आसान होगी।

इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने, सड़कों पर यातायात का दबाव घटाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

महिला ट्रेन ऑपरेटरों के हाथ में होगी पिंक लाइन की कमान

पुणे मेट्रो की पिंक लाइन की एक खास विशेषता महिला सशक्तिकरण से जुड़ी है। इस पूरे कॉरिडोर का संचालन महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। इसे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

परियोजना में पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। मेट्रो की कुल बिजली जरूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने की परिकल्पना की गई है। इससे ऊर्जा की पारंपरिक खपत कम करने और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस कॉरिडोर पर यात्री सेवाएं 4 नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। शुरुआती चरण में 23 में से 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। शेष स्टेशनों को आवश्यक कार्य पूरा होने के बाद चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

13,500 करोड़ से विकसित होगा मेट्रो का दूसरा चरण

पिंक लाइन के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे। इस चरण को लगभग 13,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा। इसमें लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल हैं। इन चार कॉरिडोर के निर्माण से पुणे के मेट्रो नेटवर्क का काफी विस्तार होगा और शहर के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को रेल आधारित सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा जा सकेगा।

दूसरे चरण में लाइन 2ए वनाज से चांदनी चौक तक जाएगी, जबकि लाइन 2बी रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी को जोड़ेगी। इन दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 12.75 किलोमीटर होगी। इससे मौजूदा पूर्व-पश्चिम मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा और शहर के पूर्वी तथा पश्चिमी हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा।

वहीं, लाइन-4 लगभग 25.52 किलोमीटर लंबी होगी। यह खराड़ी को खड़कवासला से जोड़ेगी। इसके अतिरिक्त लाइन-4ए की लंबाई लगभग 6.12 किलोमीटर होगी। यह नल स्टॉप से माणिक बाग तक मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी।

खराड़ी, हड़पसर और वारजे समेत कई इलाकों को मिलेगा लाभ

मेट्रो के दूसरे चरण के तहत बनने वाले नए कॉरिडोर पुणे के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ेंगे। इनमें खराड़ी, मगरपट्टा, हड़पसर, स्वारगेट, माणिक बाग, नांदेड़ सिटी, पुणे छावनी और वारजे जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी तक मेट्रो का विस्तार होने से खराड़ी और वाघोली के तेजी से विकसित हो रहे आवासीय, व्यावसायिक और आईटी क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। इसी तरह खराड़ी से खड़कवासला तक बनने वाला कॉरिडोर शहर के पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

इन नए कॉरिडोर को मौजूदा मेट्रो नेटवर्क और इंटरसिटी बस सेवाओं के साथ भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्वारगेट, नल स्टॉप और खराड़ी बाईपास जैसे स्थानों पर इंटरचेंज सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यात्रियों को परिवहन के अलग-अलग साधनों के बीच आवागमन में सुविधा मिलेगी।

शहर की यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा

पुणे में आईटी, उद्योग, शिक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के साथ आबादी और वाहनों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के मजबूत नेटवर्क की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। करीब 21,800 करोड़ रुपये की इन मेट्रो परियोजनाओं से शहर के परिवहन ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।