Nandigram By Election 2026: ममता गुट को झटका, संचिता प्रधान ने नामांकन वापस लिया; शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात

Nandigram By Election 2026: ममता गुट को झटका, संचिता प्रधान ने नामांकन वापस लिया; शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात

Nandigram By Election 2026: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को अचानक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने अपना नामांकन वापस ले लिया। खास बात यह है कि नाम वापस लेने से पहले उन्होंने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।

संचिता डे प्रधान शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे कोलकाता में शुभेंदु अधिकारी से मिलीं। दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद ही उनके उपचुनाव से नाम वापस लेने की जानकारी सामने आई।

शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद बदला घटनाक्रम

संचिता डे प्रधान ने कुछ दिन पहले अखिल गिरि के साथ नंदीग्राम से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। उस वक्त उन्होंने मुश्किल समय में पार्टी का साथ नहीं छोड़ने का संदेश भी दिया था।

इसके बाद शुक्रवार को वह अचानक शुभेंदु अधिकारी के घर पहुंचीं। मुलाकात के कारण को लेकर चर्चा शुरू हुई और कुछ समय बाद उनका नामांकन वापस लेने की बात सामने आई।

नंदीग्राम में भाजपा ने किसे बनाया उम्मीदवार?

नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ रथ की हत्या राज्य में भाजपा की सरकार बनने के दो दिन बाद हुई थी। ऐसे में ममता गुट की उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने से नंदीग्राम का चुनावी मुकाबला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

टीएमसी के दो गुटों के बीच विवाद का क्या है मामला?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में विभाजन सामने आया। ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से अलग होकर अपना गुट बना लिया। इसके बाद दोनों गुटों के बीच असली टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद शुरू हुआ।

गुरुवार रात चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए पारंपरिक 'फूल और घास' चिह्न को फिलहाल फ्रीज कर दिया। इसके बाद दोनों गुट इस चिह्न और 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम का इस्तेमाल करके उपचुनाव नहीं लड़ सकते हैं।

दोनों गुटों को मिले अलग नाम और चुनाव चिह्न

चुनाव आयोग के फैसले के बाद शुक्रवार को दोनों गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न तय किए गए। ममता बनर्जी के गुट का नाम 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' रखा गया है। यह गुट 'फुटबॉलर ऑन ए फुटबॉल' चिह्न के साथ उपचुनाव लड़ेगा।

वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का नाम 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' रखा गया है। इस गुट को 'खाम' यानी लिफाफे का चुनाव चिह्न मिला है। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच संचिता डे प्रधान के नामांकन वापस लेने से नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर चर्चा और बढ़ गई है।

नंदीग्राम में क्यों कराया जा रहा है उपचुनाव?

2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से चुनाव लड़ा था। दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने नंदीग्राम की सीट छोड़ दी। इसी वजह से नंदीग्राम में उपचुनाव कराया जा रहा है।

मुर्शिदाबाद की रेजीनगर और नवादा सीटों से हुमायूं कबीर ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी, जिसके कारण वहां भी उपचुनाव होना है।

नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर छह अक्तूबर को मतदान होगा, जबकि नौ अक्तूबर को मतगणना होगी।