हाइलाइट्स
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● निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
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● सप्त सरोवर क्षेत्र की चाय की दुकान में मिला शव, पुलिस ने जांच शुरू की
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● दुकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
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● 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने लंबित मामलों में भी सुरेंद्र कोली को बरी करने का आदेश दिया था
Nithari Case Surendra Koli: देशभर में चर्चित निठारी कांड से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव उत्तरी हरिद्वार के सप्त सरोवर इलाके में लालमाता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान में मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अल्मोड़ा में रहने वाले उसके परिजनों को भी घटना की जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, सप्त ऋषि पुलिस चौकी को सप्त सरोवर रोड की एक चाय की दुकान में व्यक्ति के मृत मिलने की सूचना मिली थी। टीम जब वहां पहुंची तो मृतक की पहचान ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा निवासी सुरेंद्र कोली के तौर पर हुई।
बताया जा रहा है कि कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था और किराए पर चाय का खोखा लेकर कारोबार कर रहा था। शुरुआती जांच में दुकान से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी साफ
पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौत के कारण की पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि सुरेंद्र कोली निठारी मामले में आरोपी रहा था।
पुलिस इस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों में किया था बरी
सुरेंद्र कोली का नाम 2006 में सामने आए निठारी हत्याकांड से जुड़ा था। लंबे समय तक चले मुकदमों के दौरान उसे कई मामलों में दोषी ठहराया गया था। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसे बरी कर दिया।
जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसके खिलाफ 12 मामलों में बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने लंबित अंतिम मामले में भी उसकी दोषसिद्धि रद्द करते हुए उसे बरी करने का आदेश दिया था। अदालत ने उसकी तत्काल रिहाई के निर्देश दिए थे।
क्या था निठारी कांड?
निठारी कांड साल 2005-2006 के बीच नोएडा के निठारी गांव में बच्चों और युवतियों की गुमशुदगी तथा हत्या से जुड़ा सीरियल मर्डर केस था। इस दौरान निठारी गांव से कई बच्चे अचानक गायब हुए थे।
बाद में मोनिंदर सिंह पंढेर की सेक्टर-31 स्थित कोठी के पीछे बने नाले से कई नर कंकाल और हड्डियां बरामद हुई थीं। इसके बाद यह मामला देशभर में चर्चित हुआ। इसी केस में पंढेर के घर पर नौकरी करने वाला सुरेंद्र कोली भी आरोपी था। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था।
हरिद्वार में संदिग्ध मौत की जांच जारी
निठारी मामले से जुड़े रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस जांच में जुटी है। घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात सामने आई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत किस वजह से हुई।