- वाराणसी में जदयू के राज्यस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन
- निशांत कुमार और संजय झा ने कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
- विजय कुमार राजभर सैकड़ों समर्थकों के साथ जदयू में शामिल
- बिहार के विकास मॉडल को यूपी की जनता तक पहुंचाने पर जोर
- 2027 के विधानसभा चुनाव में भूमिका पर उचित समय पर फैसला
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JDU Workers Conference in Varanasi: उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक विस्तार और वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने रविवार को वाराणसी में राज्यस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद संजय झा सहित बिहार और उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, बिहार में हुए विकास कार्यों को उत्तर प्रदेश की जनता तक पहुंचाने और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। सम्मेलन का प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष विजय कुमार राजभर का अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जदयू में शामिल होना रहा।
सम्मेलन में नेताओं ने सामाजिक न्याय, सुशासन और समावेशी विकास को पार्टी की राजनीति का आधार बताया। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से गांवों, पंचायतों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहकर जनता के बीच संवाद बढ़ाने की अपील की। पार्टी नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने के लिए बिहार में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
सामाजिक न्याय और सुशासन को बनाएंगे राजनीतिक आधार : निशांत कुमार
बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि जदयू की राजनीति का मूल आधार सामाजिक न्याय, न्याय के साथ विकास और सुशासन है। राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि आम जनता की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना होना चाहिए। विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी पार्टी इन्हीं मुद्दों को लेकर अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहती है।
निशांत कुमार ने बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले लगभग दो दशकों के दौरान हुए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में शुरू की गई पहलों की जानकारी दी। उनके अनुसार, पिछड़े, दलित, महादलित, अल्पसंख्यक, युवा, किसान और महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की गईं।
शिक्षा के क्षेत्र में आईआईटी, आईआईएम और ट्रिपल आईटी जैसे संस्थानों की स्थापना, शिक्षकों की नियुक्ति और छात्रवृत्ति, पोशाक तथा साइकिल योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की पहल बताया। स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए अस्पतालों के निर्माण, चिकित्सकों की नियुक्ति, मुफ्त दवा और जांच सुविधाओं तथा मेडिकल कॉलेजों के विस्तार का उल्लेख किया।
महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर उन्होंने पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण तथा सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था का जिक्र किया। निशांत कुमार ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बिहार में हुए विकास कार्यों की जानकारी तथ्यों के साथ उत्तर प्रदेश की जनता तक पहुंचाएं। इसके लिए केवल बड़े आयोजनों पर निर्भर रहने के बजाय गांवों, पंचायतों और बूथ स्तर पर लगातार सक्रिय रहना होगा।
2027 के चुनाव में भूमिका पर उचित समय पर होगा फैसला
आगामी विधानसभा चुनाव में जदयू की भागीदारी को लेकर निशांत कुमार ने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल के रूप में अपनी भूमिका पर विचार-विमर्श कर रही है। चुनाव में पार्टी की भागीदारी और अन्य राजनीतिक विषयों पर उचित समय आने पर वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे। उनके बयान से संकेत मिला कि फिलहाल पार्टी का जोर उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की बदली तस्वीर : संजय झा
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद संजय झा ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास और शासन व्यवस्था को नई दिशा देने का प्रयास हुआ। उस समय कानून-व्यवस्था, सड़क, बिजली, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा कि सुशासन, विकास और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देकर इन क्षेत्रों में सुधार के प्रयास किए गए।
संजय झा ने हर घर बिजली, हर घर नल का जल, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं ने शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लड़कियों को विद्यालय तक पहुंचाने में भूमिका निभाई है।
निशांत कुमार के राजनीति में आने का उल्लेख करते हुए संजय झा ने कहा कि इससे पार्टी को नई ऊर्जा और युवा नेतृत्व मिला है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निशांत कुमार को समर्थन और आशीर्वाद देने की अपील की। साथ ही कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
बिहार के विकास मॉडल को यूपी तक पहुंचाने की तैयारी
बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्य सुशासन और सामाजिक न्याय की दिशा में किए गए प्रयासों का उदाहरण हैं। गरीबों, वंचितों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए संचालित योजनाओं का उद्देश्य विभिन्न वर्गों को विकास के अवसर उपलब्ध कराना रहा है।
उन्होंने छात्राओं के लिए साइकिल, पोशाक, छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। श्रवण कुमार ने कहा कि संगठन की वास्तविक ताकत सक्रिय कार्यकर्ताओं और जनता के साथ उनके संवाद से बनती है। इसलिए उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार संपर्क बनाए रखना होगा।
बिहार सरकार के मंत्री मोहम्मद जमा खान ने कहा कि नीतीश कुमार ने सभी जातियों और समुदायों को साथ लेकर विकास की राजनीति करने का प्रयास किया है। उन्होंने गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देने के लिए छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों के विस्तार जैसी पहलों का उल्लेख किया।
विजय कुमार राजभर सैकड़ों समर्थकों के साथ जदयू में शामिल
सम्मेलन में भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष विजय कुमार राजभर ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ जदयू की सदस्यता ग्रहण की। उनके पार्टी में शामिल होने को उत्तर प्रदेश में जदयू के संगठनात्मक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
सदस्यता लेने के बाद विजय कुमार राजभर ने बताया कि वह पिछले 35 से 40 वर्षों से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हैं। उन्होंने पूर्व में बहुजन समाज पार्टी में भी काम किया है। उनके अनुसार, वह वर्ष 2012 में वाराणसी से विधानसभा चुनाव और वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
विजय कुमार राजभर ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक संघर्ष, विकासपरक सोच और सामाजिक न्याय से जुड़ी नीतियों से प्रभावित होकर उन्होंने जदयू में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का भरोसा दिया।