चक्रवात मुरासु का खतरा बढ़ा, 21 उड़ानें रद्द; आंध्र प्रदेश से ओडिशा तक भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात मुरासु का खतरा बढ़ा, 21 उड़ानें रद्द; आंध्र प्रदेश से ओडिशा तक भारी बारिश का अलर्ट
हाइलाइट्स
• अमित शाह से मिले अजित पवार गुट के 6 वरिष्ठ NCP नेता
• सुनेत्रा और पार्थ पवार की गैर-मौजूदगी से नेतृत्व पर उठे सवाल
• आज शाम 4 बजे मुंबई में देवगिरी आवास पर होगी NCP कोर कमेटी की बैठक

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। आंध्र प्रदेश के पांच जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

चक्रवात के खतरे को देखते हुए हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। चेन्नई में 11 और विजयवाड़ा में 10 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इस तरह कुल 21 उड़ानें रद्द हुई हैं। वहीं, प्रभावित राज्यों में प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें भी संवेदनशील इलाकों में तैयार रखी गई हैं।

क्या है चक्रवात मुरासु और कब तट से टकराने की आशंका?

चक्रवात मुरासु की शुरुआत दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव के क्षेत्र से हुई थी। रविवार, एक नवंबर को यह चक्रवाती तूफान में बदल गया। भारत ने इसे मुरासु नाम दिया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ प्राचीन ढोल या ड्रम होता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दो नवंबर को यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। सोमवार तड़के 2:30 बजे यह करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था।

इसके दो नवंबर की आधी रात से तीन नवंबर की सुबह के शुरुआती घंटों के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराने की आशंका है। यह इलाका ओंगोल के आसपास पड़ता है।

110 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है हवा की रफ्तार

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, तट से टकराते समय चक्रवात मुरासु की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इसके कारण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र में दो मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। इससे तटीय क्षेत्रों में समुद्र का पानी भरने का खतरा भी बढ़ सकता है।

तटीय आंध्र प्रदेश में 24 घंटे के भीतर 115 से 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है। वहीं, ओडिशा में सोमवार शाम से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तीन नवंबर को इनकी गति बढ़कर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तट और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तीन नवंबर की दोपहर तक जहाजों के संचालन और मछली पकड़ने की गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की सलाह दी है।

आंध्र प्रदेश के पांच जिलों में रेड अलर्ट, इन राज्यों पर भी असर

चक्रवात मुरासु का असर आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना, ओडिशा और तमिलनाडु में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया है।

आंध्र प्रदेश: कृष्णा, गुंटूर समेत पांच जिलों में रेड अलर्ट

आंध्र प्रदेश के मध्य और दक्षिणी तटीय इलाकों में चक्रवात का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। आईएमडी ने कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और एसपीएसआर नेल्लोर में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।

दो और तीन नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना: पांच नवंबर तक बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

तेलंगाना में दो से पांच नवंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है। खम्मम, नलगोंडा, सूर्यापेट, महबूबनगर, नागरकर्नूल और वनपर्थी के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा जंगांव, यादाद्री भुवनगिरि, रंगारेड्डी, हैदराबाद और मेडचल-मलकाजगिरि में भी बारिश का अनुमान है।

तीन नवंबर को खम्मम, सूर्यापेट और महबूबाबाद में बारिश हो सकती है। वहीं, भद्राद्री कोठागुडेम, वारंगल और हनमकोंडा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ओडिशा: दक्षिणी जिलों में चार नवंबर तक भारी बारिश का अनुमान

दक्षिणी ओडिशा में दो से चार नवंबर के बीच भारी बारिश होने की आशंका है। दो नवंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि तीन और चार नवंबर को दक्षिणी ओडिशा के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिणी तटीय जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने का पूर्वानुमान है।

तमिलनाडु: चेन्नई और तिरुवल्लूर में भारी बारिश की आशंका

आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहे चक्रवात के असर से तमिलनाडु के कई जिलों में भी बारिश हो सकती है। चेन्नई और तिरुवल्लूर के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

इसके अलावा चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

चक्रवात से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश में 1,688 मेडिकल टीमें तैनात

चक्रवात मुरासु के संभावित खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात और राहत-बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बारिश, हवा की रफ्तार, जलाशयों में पानी के स्तर और एहतियाती कदमों पर चर्चा हुई।

नायडू ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए दो नवंबर को प्रस्तावित अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया।

राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने संभावित प्रभावित जिलों में 1,688 मेडिकल टीमें तैनात की हैं। इसके साथ ही 116 राहत शिविर तैयार रखे गए हैं और 13,165 आपातकालीन बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।

जरूरी दवाओं के साथ सांप के काटने पर इस्तेमाल होने वाले एंटी-स्नेक वेनम के 43,672 इंजेक्शन का भंडार भी रखा गया है। आपातकालीन सेवा 108 की 733 एंबुलेंस, 102 सेवा के तहत 300 थल्ली बिड्डा एक्सप्रेस वाहन और 104 सेवा की 721 मोबाइल मेडिकल यूनिट को तैयार रखा गया है।

वहीं, विजयवाड़ा के गन्नवरम एयरपोर्ट से सोमवार को संचालित होने वाली इंडिगो की 10 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

ओडिशा में हाई अलर्ट, मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

ओडिशा सरकार ने दक्षिणी जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

ब्लॉक विकास अधिकारियों और तहसीलदारों को विस्तृत माइक्रो-प्लान तैयार करने के लिए कहा गया है। साथ ही जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने मछुआरों को दो से चार नवंबर के बीच समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। संवेदनशील इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की टीमें तैयार रखी गई हैं।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने चक्रवात से निपटने की तैयारियों और एहतियाती उपायों की समीक्षा की।

तमिलनाडु में सभी जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश

तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी के बाद राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टरों से प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय रखने और आपदा प्रबंधन की मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करने को कहा गया है। किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी तत्काल राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र को देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

पिछले चक्रवात अर्नब से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हुआ था नुकसान

चक्रवात मुरासु से पहले पिछले सप्ताह 28 अक्तूबर को बेहद गंभीर चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर दस्तक दी थी। इसके आने से पहले और तूफान के दौरान आंध्र प्रदेश में 57 हजार से 84 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया था।

शुरुआती आकलन के मुताबिक, चक्रवात अर्नब से करीब 4,600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लाखों हेक्टेयर में धान और बागवानी की फसलें प्रभावित हुईं। सैकड़ों घर तबाह हुए और सड़क तथा बिजली व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा।

ओडिशा में भी चक्रवात के बाद हुई भारी बारिश से दक्षिणी जिलों गंजाम, गजपति और कंधमाल में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई थीं। गिडिपाबाली गांव और पात्रापुर जैसे इलाकों में भी इसका असर देखा गया था। अब कुछ ही दिनों के अंतराल पर यह क्षेत्र एक और चक्रवात का सामना करने की तैयारी कर रहा है।