क्या है “कवच” सिस्टम?
“कवच” एक आधुनिक ट्रेन टक्कर रोकने वाला सिस्टम (Train Collision Avoidance System) है। यह सिस्टम ट्रेनों की गति और दूरी को कंट्रोल करता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाती है।
किन-किन कामों को मिली मंजूरी?
1. कवच सिस्टम की स्थापना
दक्षिण रेलवे के 232 लोकोमोटिव (इंजन) में कवच वर्जन 4.0 लगाया जाएगा। इस पर लगभग ₹208.81 करोड़ खर्च होंगे। इससे ट्रेन टक्कर जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
2. ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार
उत्तरी रेलवे में 3,200 किलोमीटर तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा। इस पर ₹400.86 करोड़ खर्च होंगे, जिससे सिग्नलिंग सिस्टम और मजबूत होगा।
3. कवच के लिए फाइबर नेटवर्क तैयार करना
उत्तर मध्य रेलवे में 2,196 किलोमीटर रूट पर 2×48 फाइबर OFC नेटवर्क बिछाया जाएगा। इस काम के लिए ₹176.76 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
4. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम
दक्षिण मध्य रेलवे के 49 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इस पर ₹578.02 करोड़ खर्च होंगे। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुरक्षित और तेज़ होगा।
क्या होगा इसका फायदा?
ट्रेन दुर्घटनाओं में कमी
सिग्नलिंग सिस्टम ज्यादा स्मार्ट और तेज़
ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार
यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा इजाफा
रेलवे नेटवर्क की कुल क्षमता में बढ़ोतरी
यह पहल दिखाती है कि भारतीय रेलवे अब तेजी से डिजिटल और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ रहा है। कवच जैसे सिस्टम और आधुनिक तकनीक से आने वाले समय में ट्रेन यात्रा और भी भरोसेमंद और सुरक्षित होगी।