हाइलाइट्स
• ध्रुव राठी बोले- CJP से मेरा कोई संबंध नहीं, राजनीति में आने का इरादा नहीं
• SIR और देश की संस्थाओं की स्वतंत्रता को बताया गंभीर मुद्दा
• बोले- सिर्फ वीडियो बनाने के बजाय प्रदर्शन में शामिल होना जरूरी लगा
• सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील
• दावा- घर के आसपास करीब 50 लोग नजर रख रहे हैं, प्रदर्शन में जाने पर हिरासत की चेतावनी मिली
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने CJP प्रदर्शन में अपनी भागीदारी को लेकर स्पष्ट किया है कि उनका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्य या सहयोगी के तौर पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे से जुड़े हैं। राठी ने राजनीति में आने की इच्छा से भी इनकार किया, लेकिन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और देश की संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को गंभीर बताया।
राठी के मुताबिक, वह पहले कई मुद्दों पर वीडियो बनाकर अपनी बात रख चुके हैं। इस बार उन्हें लगा कि केवल वीडियो बनाने के बजाय विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर जमीन पर अपनी मौजूदगी दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि अभी कोई अंतिम योजना तय नहीं है।
ध्रुव राठी ने CJP से संबंध और राजनीति को लेकर क्या कहा?
ध्रुव राठी ने दोहराया कि उनका CJP से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने खुद को इस मुद्दे से व्यक्तिगत रूप से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि उनका राजनीति में शामिल होने का इरादा नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दल इस मुद्दे को उठा रहे हैं, तो यह उनकी राजनीतिक भूमिका है। राठी के अनुसार, इस मामले को अदालत को भी देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि देश की संस्थाओं के पास कितनी स्वतंत्रता और अधिकार हैं।
SIR और संस्थाओं की स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
राठी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने मीडिया, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर दबाव होने के आरोपों का जिक्र किया।
उन्होंने अपनी बात रखते हुए दो लोगों का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उन पर देश की संस्थाओं को अपने प्रभाव में लेने की बात कही जाती है। राठी ने यह भी कहा कि पुलिस भी इस दबाव से अछूती नहीं है।
वीडियो बनाने के बजाय प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला क्यों लिया?
ध्रुव राठी ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों सहित कई मुद्दों पर वीडियो बना चुके हैं। हालांकि, इस बार उन्हें लगा कि मामला इतना गंभीर है कि केवल वीडियो के जरिए अपनी बात रखना पर्याप्त नहीं होगा।
इसी वजह से उन्होंने एक आम नागरिक के तौर पर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने का विचार किया। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि प्रदर्शन सामान्य तरीके से होगा और लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर मुद्दे को समझना और उसमें भाग लेना चाहते थे।
सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर प्रदर्शन करने की अपील
राठी ने कहा कि अलग-अलग दिनों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रदर्शन करने के बजाय सभी को मिलकर विरोध करना चाहिए। उनके मुताबिक, दलों के बीच मतभेद और अहम के मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन गंभीर विषय पर एक साथ आने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और आम लोगों के संयुक्त प्रदर्शन से ही दबाव बनाया जा सकता है। राठी ने यह भी बताया कि वह भविष्य में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहे हैं।
हिरासत में 24 घंटे बिताने के बाद पुलिसकर्मियों पर क्या बोले?
ध्रुव राठी ने बताया कि हिरासत में 24 घंटे रहने के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपने कामकाज और काम के दौरान महसूस होने वाले दबाव के बारे में बताया।
राठी ने कहा कि वह केवल एक दिन के लिए कैदी थे, जबकि पुलिसकर्मी अपनी पूरी नौकरी के दौरान मानो कैदियों की तरह जीवन जीते हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों के काम के बोझ और उनकी तनख्वाह को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों की परिस्थितियों को देखकर उनके प्रति सहानुभूति महसूस हुई।
प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने का ध्रुव राठी ने किया दावा
ध्रुव राठी ने दावा किया कि उनके घर के आसपास करीब 50 लोग तैनात हैं, जो चौबीसों घंटे उनकी तस्वीरें लेते हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं। उनके मुताबिक, उन्हें अनौपचारिक रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि वह प्रदर्शन में शामिल हुए, तो उन्हें उसी समय हिरासत में ले लिया जाएगा।
राठी ने कहा कि वह प्रदर्शन में जाना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल उनकी कोई तय योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद पहल करके अभिषेक को फोन किया था। अभिषेक ने उन्हें आने का सुझाव दिया और पहले बंगलूरू जाकर प्रकाश राज के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही, जहां हटाए गए मतदाताओं से जुड़े मुद्दे को समझने का मौका मिलता।
राठी ने अंत में फिर स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के सदस्य या सहयोगी के रूप में नहीं, बल्कि व्यक्तिगत हैसियत से इस मुद्दे से जुड़े हैं।