मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना बनी किसानों की सुरक्षा कवच

Authored By: News Corridors Desk | 28 Jan 2026, 06:22 PM
news-banner

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 18,145 किसानों को दी गई 873.58 करोड़ रुपये की सहायता

योजना के डिजिटलीकरण से घर बैठे मिलेगा किसानों को लाभ, पारदर्शिता भी बढ़ेगी

लखनऊ, 28 जनवरी। प्रदेश के किसानों व उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वर्ष 2019 से संचालित इस योजना के तहत अब तक 1 लाख 8 हजार से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे योजना के क्रियान्वयन में सरलता के साथ पारदर्शिता में भी बढ़ोतरी होगी। योजना न केवल दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवार का संबल बनती है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में किसान परिवार को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत राजस्व विभाग की ओर से 873.58 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिससे प्रदेश के 18,145 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2023-24 में योजना का दायरा बढ़ाते हुए भूमिहीन किसानों व खेतिहर श्रमिकों को भी योजना में शामिल किया गया। वर्ष 2023-24 में योजना के अंतर्गत 944.72 करोड़ रुपये वितरित कर 23,821 किसानों को सहयोग प्रदान किया गया था। योजना की शुरुआत के वर्ष 2019 से अब तक 1,08,098 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जो इन परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच साबित हो रही है।

डिजिटलीकरण से बढ़ेगी पारदर्शिता व प्रभावशीलता

योजना के सुचारू व पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जो कि फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा। योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया से लेकर लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण तक संभव हो सकेगा। योजना में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी के लिए इस पोर्टल को डैशबोर्ड से भी जोड़ा जा रहा है। योजना प्रदेश के किसानों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान कर योगी सरकार की किसान हितैषी सोच को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।