हाइलाइट्स
• इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मुलाकात नहीं कर पाए CJI सूर्यकांत
• CJI ने बताया- अनुरोध वाले पत्र का उसी रात जवाब दिया
• सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले होने की बात कही
• CJI बोले- हर भारतीय नागरिक को अदालत में याचिका दाखिल करने का अधिकार
इंडिया ब्लॉक के नेताओं की मुलाकात की मांग पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि उन्हें एक दिन पहले इस संबंध में पत्र मिला था और उन्होंने उसी रात उसका जवाब दे दिया था। हालांकि, CJI ने सार्वजनिक रूप से उन कारणों का विस्तार से खुलासा नहीं किया, जिनकी वजह से वह नेताओं से मुलाकात नहीं कर सके।
इस बीच विपक्षी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने का मुद्दा भी सामने आया। CJI के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने मुलाकात के अनुरोध पर जवाब दिया था, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाने की सटीक वजह उनके बयान में सामने नहीं आई।
मुलाकात के अनुरोध पर CJI ने क्या बताया?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के मुताबिक, उन्हें मुलाकात के लिए एक दिन पहले पत्र मिला था। उन्होंने उसी रात उस पत्र का जवाब दिया और उसमें मुलाकात नहीं कर पाने के कारण बताए।
हालांकि, अपने बयान में उन्होंने उन कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मुलाकात का अनुरोध किस विशेष आधार पर स्वीकार नहीं किया जा सकता था।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के अधिकार पर जोर
CJI सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट तक लोगों की पहुंच को लेकर कहा कि अदालत के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। उनके अनुसार, कोई भी आम नागरिक या निर्वाचित जनप्रतिनिधि अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को अदालत तक पहुंचने का अधिकार है। इस तरह उन्होंने व्यक्तिगत मुलाकात के अनुरोध से अलग न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखने के अधिकार पर जोर दिया।
लोगों की चिंताओं पर सुनवाई को लेकर क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत लोगों की चिंताओं को सुनेगी और कानून के तहत जो भी उचित होगा, उसके अनुसार राहत दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भारतीय नागरिक को अदालत में अपनी बात रखने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। उनके बयान में याचिका दाखिल करने और कानून के तहत राहत पाने के अधिकार को प्रमुखता दी गई।
इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च का भी उठा मुद्दा
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने CJI सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था। इसी घटनाक्रम के बीच विपक्षी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकालने का मुद्दा भी सामने आया।
CJI ने मुलाकात के अनुरोध से जुड़े पत्र का जवाब देने की जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने अपने सार्वजनिक बयान में मुलाकात नहीं हो पाने के कारणों का विस्तार से खुलासा नहीं किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने और कानून के तहत राहत पाने के अधिकार पर अपनी बात रखी।