‘चीफ मिनिस्टर’ के 900वें मंचन ने रचा रंगमंच का इतिहास

‘चीफ मिनिस्टर’ के 900वें मंचन ने रचा रंगमंच का इतिहास
हाइलाइट्स
  • बेंगलुरु के रविंद्र कलाक्षेत्र में हुआ ऐतिहासिक 900वां प्रदर्शन
  • चार दशक से अधिक समय से दर्शकों के बीच लोकप्रिय है नाटक
  • मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
  • व्यंग्य के जरिए राजनीति और व्यवस्था पर सवाल उठाता है नाटक

Chief Minister Play: हाथ में सत्ता की राजनीति और व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य लिए कन्नड़ रंगमंच का चर्चित नाटक ‘चीफ़ मिनिस्टर’ शनिवार को 900वें प्रदर्शन के पड़ाव पर पहुंच गया। बेंगलुरु के रविंद्र कलाक्षेत्र में आयोजित विशेष प्रदर्शन में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना, राज्य गारंटी योजना कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष एच.एम. रेवन्ना और अभिनेता रविचंद्रन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। नाटक ने 1980 में पहली बार मंच पर आने के बाद चार दशक से अधिक का सफर पूरा किया है।

राजनीति और व्यवस्था पर व्यंग्य

‘चीफ़ मिनिस्टर’ एक काल्पनिक राज्य के मुख्यमंत्री कृष्ण द्वैपायन कौशल यानी केडी कौशल की कहानी के माध्यम से सत्ता बचाने की राजनीतिक कवायद को सामने रखता है। चुनाव, दलगत प्रतिद्वंद्विता, जोड़-तोड़ और सत्ता के लिए व्यवस्था की कमजोरियों के इस्तेमाल को नाटक व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत करता है। 900वें मंचन को कलाकारों की मेहनत और दर्शकों की निरंतर रुचि से जुड़ी उपलब्धि बताया गया।

मूल रचना से कन्नड़ रंगमंच तक

नाटक की मूल कहानी चाणक्य सेन की 1976 में प्रकाशित हिंदी रचना से जुड़ी है। बाद में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से जुड़े रंगकर्मी रंजीत कपूर ने इसका नाट्य रूपांतरण किया। कर्नाटक में इसे कन्नड़ रंगमंच के लिए टी.एस. लोहितास्वा ने रूपांतरित किया और बी.वी. राजाराम ने इसका निर्देशन किया। कलागंगोत्री रंग संस्था के माध्यम से यह नाटक 1980 में कन्नड़ मंच पर आया।

चंद्रशेखर बने ‘चीफ मिनिस्टर चंद्रु’

नाटक में मुख्य भूमिका निभाने वाले एच.एन. चंद्रशेखर इसी किरदार के कारण ‘चीफ मिनिस्टर चंद्रु’ के नाम से लोकप्रिय हुए। उन्होंने 900 प्रदर्शनों में लगातार मुख्यमंत्री की भूमिका निभाई है। रंगमंच के साथ उन्होंने कन्नड़ फिल्मों और राजनीति में भी काम किया। उनके अभिनय और इस किरदार की लोकप्रियता ने नाटक को कन्नड़ रंगमंच की पहचान बना दिया।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि 900वां प्रदर्शन केवल किसी एक नाटक की सफलता नहीं, बल्कि कन्नड़ रंगमंच, कलाकारों की मेहनत और दर्शकों की रुचि की उपलब्धि है। उम्मीद जताई गई कि ‘चीफ़ मिनिस्टर’ आगे भी लोगों को हंसाने के साथ सामाजिक और राजनीतिक सवालों पर सोचने के लिए प्रेरित करता रहेगा।