BSP का विपक्ष पर निशाना- 'नीले कपड़े पहनने से नहीं बदलती सामाजिक सोच'

BSP का विपक्ष पर निशाना- 'नीले कपड़े पहनने से नहीं बदलती सामाजिक सोच'

Mayawati on Opposition: बहुजन समाज पार्टी BSP ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और अन्य उपेक्षित वर्गों के हितों को लेकर केवल प्रतीकात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया है।

पार्टी सुप्रीमो मायावती की ओर से सोशल मीडिया पर  शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया कि बसपा के पारंपरिक नीले रंग के गमछे और कपड़े पहनने अथवा मंचों पर नीले रंग का इस्तेमाल करने मात्र से किसी राजनीतिक दल की सामाजिक सोच नहीं बदल सकती।

बसपा ने दावा किया कि विपक्षी दलों की कथनी और करनी में अंतर रहा है तथा वे बहुजन समाज से जुड़े मुद्दों पर समय-समय पर अपना रुख बदलते रहे हैं। पार्टी ने समाजवादी पार्टी के पीडीए अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बहुजन समाज के हितों के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता आवश्यक है।

बयान में बसपा से निष्कासित किए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं का भी उल्लेख किया गया। पार्टी का आरोप है कि अनुशासनहीनता अथवा अन्य कारणों से निष्कासित किए गए कुछ लोग बाद में दूसरी राजनीतिक पार्टियों में शामिल हो जाते हैं या अलग संगठन और छोटी राजनीतिक पार्टियां बना लेते हैं।

कांग्रेस द्वारा निष्कासित नेताओं को पार्टी में शामिल करने की संभावनाओं को लेकर भी बसपा ने टिप्पणी की है। पार्टी ने अपने बयान में कांग्रेस की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए और कहा कि बहुजन समाज के हितों को लेकर राजनीतिक दलों को अपने रुख और कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए।

सोशल मीडिया पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास की घोषणा का भी उल्लेख किया गया है। बसपा की ओर से दावा किया गया कि पार्टी द्वारा उन्हें राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दिए जाने के बाद उन्होंने अगले दिन अपने संन्यास की घोषणा की।
पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को समझने और बहुजन आंदोलन के हितों के प्रति सजग रहने की अपील की है।