पीएम मोदी की किन-किन से मुलाक़ात हुई, क्या बात हुई

पीएम मोदी की किन-किन से मुलाक़ात हुई, क्या बात हुई

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की चार नेताओं से मुलाकात, सहयोग पर जोर

भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इथियोपिया, मलेशिया और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों तथा आबू धाबी के क्राउन प्रिंस से अलग-अलग मुलाकात की।

इन बैठकों में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय और ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

इथियोपिया के साथ रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली से मुलाकात कर आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी और क्षमता विकास में हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। मोदी ने ब्रिक्स में इथियोपिया की भागीदारी को ग्लोबल साउथ की साझा आवाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मलेशिया के साथ व्यापक सहयोग की समीक्षा

मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो' सेरी अनवर बिन इब्राहिम के साथ बैठक में व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और फिनटेक सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा हुई। मलेशिया ने सबाह के कोटा किनाबालु में भारत का महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने की सहमति से भी अवगत कराया।

वियतनाम के साथ रणनीतिक रिश्तों को मजबूती

वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की और साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी ने वियतनाम की ब्रिक्स में सहयोगी देश के रूप में भागीदारी का स्वागत किया। वियतनाम को भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का प्रमुख स्तंभ भी माना जाता है।

यूएई के साथ निवेश और रणनीतिक सहयोग पर जोर

आबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद के साथ बैठक में भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर चर्चा हुई। यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी ने ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर की एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम परियोजना में निवेश की घोषणा की, जिसे दोनों नेताओं ने सकारात्मक कदम बताया। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।