अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जो बिडेन ने X पर पोस्ट कर पीड़ितों, उनके परिजनों और हमले के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। दोनों नेताओं ने 9/11 को देश के सबसे अंधकारमय दिनों में से एक बताते हुए कहा कि उस त्रासदी से मिली सबसे बड़ी सीख राष्ट्रीय एकता की शक्ति है।
ओबामा बोले- एकजुट रहकर हर अंधेरे दौर से निकल सकते हैं
बराक ओबामा ने कहा कि 2001 में युवा रहे लोगों और बाद में जन्मी पीढ़ी के लिए उस दिन के सदमे और पीड़ा को समझना कठिन हो सकता है। उन्होंने बचावकर्मियों, विमान यात्रियों और देश की सेवा के लिए आगे आने वाले लोगों के साहस को याद किया। ओबामा ने कहा कि वह और मिशेल उस दिन जान गंवाने वालों तथा बाद के युद्धों में सर्वोच्च बलिदान देने वालों को याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एकजुट राष्ट्र के रूप में आगे बढ़कर अमेरिका अपने सबसे कठिन दौर से भी उबर सकता है।
बिडेन ने एकता को बताया सबसे बड़ी ताकत
जो बिडेन ने कहा कि 9/11 हमलों में 2,977 लोगों की जान गई, जबकि हमले से जुड़ी बीमारियों के कारण बाद के वर्षों में हजारों अन्य लोगों की मौत हुई। उन्होंने दमकलकर्मियों, पुलिसकर्मियों और शैंक्सविल के ऊपर विमान में संघर्ष करने वाले यात्रियों के साहस को नमन किया। बिडेन ने कहा कि सबसे कमजोर क्षणों में भी एकता ही देश की सबसे शक्तिशाली ताकत है।
न्यूयॉर्क समारोह में पूर्व राष्ट्रपतियों की मौजूदगी
शुक्रवार सुबह न्यूयॉर्क में आयोजित 9/11 स्मृति समारोह में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जो बिडेन, जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और बिल क्लिंटन अपनी पत्नियों के साथ शामिल हुए।