भदोही को मिली नई पहचान, CM योगी ने संत रविदास नगर भदोही नाम की घोषणा की

भदोही को मिली नई पहचान, CM योगी ने संत रविदास नगर भदोही नाम की घोषणा की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही जिले के नाम में बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब भदोही को संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा। यह घोषणा कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के स्वर्ण जयंती संस्करण के दौरान की गई। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक के 112 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने संत रविदास की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भेदभाव के बिना सभी को अन्न मिले, यही संत रविदास की कामना थी। उन्होंने कहा कि इसी भाव को देखते हुए भदोही का नाम संत रविदास नगर भदोही होना प्रासंगिक है।

कालीन उद्योग के जरिए भदोही को मिली वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में शामिल एक्जिविटर्स और विदेशी खरीदारों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में लगभग 250 एक्जिविटर्स और 450 विदेशी खरीदार पहुंचे हैं। उनके मुताबिक, 65 देशों से आए खरीदार संत रविदास नगर भदोही को वैश्विक पहचान देने में योगदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भदोही पहले से ही अपने कालीन उद्योग के लिए जाना जाता था और अब विकास की प्रक्रिया के साथ नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज के बीच स्थित इस क्षेत्र में विरासत के साथ विकास को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी के विजन के तहत कारीगरों को समय के अनुरूप तकनीक, डिजाइन और बाजार उपलब्ध कराने पर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि जो व्यवस्था अपने कारीगरों का सम्मान करती है, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

ODOP से कालीन उद्योग को मिला बाजार

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में हताशा और निराशा थी और राज्य का खजाना खाली था। उन्होंने बताया कि करीब दस साल पहले वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना शुरू की गई थी और भदोही में कालीन को उसकी पहचान के तौर पर चुना गया।

योगी ने कहा कि पहले हैंडमेड कारपेट के लिए बाजार मिलने को लेकर आशंका रहती थी, लेकिन ODOP के बाद बाजार उपलब्ध हुआ। उनके मुताबिक, अकेला संत रविदास नगर 6100 करोड़ रुपये का निर्यात कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे कारीगरों तक पैसा पहुंच रहा है और कालीन उद्योग आजीविका के साथ युवाओं को रोजगार भी दे रहा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, साढ़े नौ सालों में यूपी की अर्थव्यवस्था को तीन गुणा बढ़ाने में सफलता मिली है।

2017 से पहले की सरकारों पर साधा निशाना

योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बीमारू मानसिकता वाली सरकारों ने राज्य को बीमारू बना दिया था। उनके अनुसार, उस दौर में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, तकनीक और बाजार जैसी सुविधाओं की कमी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले अराजकता, माफिया राज, गुंडागर्दी, कर्फ्यू और दंगों की स्थिति थी। उन्होंने नीतिगत जड़ता और सरकार के सहयोग की कमी का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, कारीगरों को बिजली और सड़क जैसी सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं और सुरक्षा की स्थिति ठीक नहीं थी।

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े कामगारों को आजीविका की तलाश में पलायन करना पड़ा। वहीं, जो लोग राज्य में ही रहे, उन्हें सुरक्षित माहौल के अभाव में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।