समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Mohammad Azam Khan और उनके बेटे Abdullah Azam Khan को दो पैन कार्ड मामले में अदालत से राहत नहीं मिली है। Rampur की सत्र अदालत ने दोनों की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है।
यह मामला 2019 का है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम खान ने अलग-अलग जन्मतिथियों का इस्तेमाल कर दो पैन कार्ड बनवाए। जांच के दौरान इस पूरे प्रकरण में आजम खान की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। इससे पहले विशेष MP-MLA कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी। अब सत्र अदालत द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद यह सजा फिलहाल बरकरार रहेगी।
यह मामला सरकारी दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा होने के कारण काफी अहम माना जा रहा है। अदालत के फैसले से यह संकेत मिलता है कि ऐसे मामलों में न्यायपालिका सख्त रुख अपनाती है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों नेताओं के पास अभी भी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प मौजूद है। जब तक किसी ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिलती, तब तक मौजूदा सजा प्रभावी रहेगी।