- सात नवंबर को एक लाख दीपों से जगमगाएगा राम मंदिर परिसर
- दीप प्रज्ज्वलन के लिए परिसर को पांच जोन में बांटा
- श्रीरामलला मंदिर में जलाए जाएंगे 30 हजार से अधिक दीप
- कुबेर टीला और सप्तमंडप में भी होगी भव्य सजावट
- आयोजन में करीब एक हजार कार्यकर्ता देंगे सेवा
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Ayodhya Deepotsav 2026: दीपोत्सव के अवसर पर श्रीरामजन्मभूमि परिसर को एक लाख दीपों से आलोकित करने की तैयारी है। आगामी 7 नवंबर को अयोध्या स्थित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में लगभग एक लाख दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए पूरे परिसर को पांच जोन में विभाजित किया गया है। दीप प्रज्ज्वलन और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं में करीब एक हजार कार्यकर्ता सेवा देंगे।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, परिसर के अलग-अलग हिस्सों में दीप जलाने की व्यवस्था की गई है। इसमें श्रीरामलला मंदिर से लेकर कुबेर टीला, सप्तमंडप और दर्शन मार्ग तक दीपों से सजावट की जाएगी। पांचों जोन में दीपों की संख्या और जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
श्रीरामलला मंदिर में जलेंगे 30 हजार से अधिक दीप
दीपोत्सव के पहले जोन में श्रीरामलला मंदिर को शामिल किया गया है। यहां 30 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे। मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से आलोकित होगा। आयोजन का यह प्रमुख केंद्र होगा।
कुबेर टीला और सप्तमंडप में भी दीप सज्जा
दूसरे जोन में कुबेर टीला एवं सप्तमंडप को रखा गया है। इस क्षेत्र में भी 30 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इस तरह पहले और दूसरे जोन में मिलाकर 60 हजार से अधिक दीप जलाने की व्यवस्था है।
दर्शन और यात्री सुविधा मार्ग पर भी होगी रोशनी
तीसरे जोन में वापसी दर्शन मार्ग एवं यात्री सुविधा केंद्र शामिल हैं। यहां 14 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे। चौथे जोन में यात्री सेवा केंद्र एवं अंगद टीला को शामिल किया गया है, जहां 13 हजार दीपों से सजावट होगी।
श्रीरामजन्मभूमि पथ पर जलेंगे 13 हजार दीप
पांचवें जोन में श्रीरामजन्मभूमि पथ और दर्शन मार्ग को रखा गया है। इस क्षेत्र में 13 हजार दीप जलाए जाएंगे। इस प्रकार पूरे परिसर में लगभग एक लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की योजना है।
आयोजन के लिए करीब एक हजार कार्यकर्ता सेवा देंगे। परिसर को पांच जोन में बांटकर दीपों की व्यवस्था की गई है, ताकि मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों में एक साथ दीपोत्सव का आयोजन किया जा सके।