नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों और कारोबारियों से जुड़े कई नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। 1 नवंबर से कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत बढ़ा दी गई है, जबकि घरेलू गैस सिलिंडर के दाम पहले जैसे ही हैं। इसके अलावा पेंशनर्स के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान, म्यूचुअल फंड के डायरेक्ट प्लान, टोल प्लाजा के रियायती पास और जीएसटी व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं।
कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन नियम लागू होने से अब अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर कॉलर का असली नाम दिखाई देगा। वहीं, विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। आइए जानते हैं नवंबर की पहली तारीख से लागू हुए इन बदलावों का आप पर क्या असर पड़ सकता है।
कमर्शियल LPG सिलिंडर हुआ महंगा, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत
नवंबर की शुरुआत के साथ ही 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अलग-अलग शहरों में इसके दाम 10 से 12 रुपये तक बढ़ाए हैं।
इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार पर पड़ सकता है, क्योंकि इन जगहों पर कमर्शियल सिलिंडर का इस्तेमाल होता है। कीमत बढ़ने से कारोबारियों की परिचालन लागत में इजाफा हो सकता है।
हालांकि, घरेलू रसोई गैस इस्तेमाल करने वालों को फिलहाल राहत दी गई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
पेंशनर्स के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू
पेंशनर्स के लिए 1 नवंबर से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू हो गया है। अब पेंशनर स्मार्टफोन के जरिए अपना चेहरा स्कैन करके घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे।
वहीं, पेंशन जारी रखने के लिए 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनर्स को 30 नवंबर तक जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होगा।
म्यूचुअल फंड निवेश में डायरेक्ट प्लान होगा डिफॉल्ट
म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल मंच पर डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट रूप से उपलब्ध होगा।
अगर कोई निवेशक रेगुलर प्लान का विकल्प चुनता है, तो उससे पहले उसे इस प्लान के ज्यादा एक्सपेंस रेश्यो की जानकारी दी जाएगी। इससे निवेशक को डायरेक्ट और रेगुलर प्लान के खर्चों के बीच अंतर समझने का मौका मिलेगा।
टोल प्लाजा पर 1,500 रुपये से शुरू होगा रियायती पास
टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए स्थानीय रियायती पास की व्यवस्था शुरू की गई है।
इसके तहत पात्र वाहन मालिक सालाना 1,500 से 3,000 रुपये खर्च करके पूरे वर्ष संबंधित टोल प्लाजा से आवागमन कर सकेंगे। इस बदलाव से टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों को राहत मिलेगी।
GST व्यवस्था में कारोबारियों को कई राहत
जीएसटी से जुड़े बदलावों के तहत व्यापारियों और कारोबारियों को कई तरह की सहूलियत दी गई है। अब बिक्री के बाद छूट देने और क्रेडिट नोट जारी करने की प्रक्रिया में राहत मिलेगी।
इसके अलावा इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रिफंड की प्रक्रिया तेज करने और ई-कॉमर्स कारोबारियों को दूसरे राज्यों में पंजीकरण के मामले में भी सहूलियत दी जाएगी।
अनजान नंबर से कॉल आने पर दिखेगा असली नाम
मोबाइल फोन पर आने वाली कॉल से जुड़ा कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन नियम भी 1 नवंबर से लागू हो गया है। इसके तहत अब किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर केवल नंबर नहीं, बल्कि कॉल करने वाले का असली नाम भी दिखाई देगा।
इस सुविधा के लिए मोबाइल फोन की सेटिंग बदलने या अलग से कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी।
विमान ईंधन एटीएफ की कीमत में लगातार चौथे महीने बढ़ोतरी
विमानों में इस्तेमाल होने वाले ईंधन एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत भी बढ़ा दी गई है। इसकी कीमत 137.12 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 138.50 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
जेट ईंधन के दाम में यह लगातार चौथे महीने हुई बढ़ोतरी है। इससे पहले 1 अक्टूबर को एटीएफ की कीमत में 16 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। वहीं, 1 सितंबर को 6.28 रुपये और 1 अगस्त को 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी।
एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में जेट ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी तक होती है। ऐसे में एटीएफ की कीमत बढ़ने से विमानन कंपनियों का खर्च भी बढ़ेगा।