असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो चुका है और इसी बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बड़ा चुनावी वादा किया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगर राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार दोबारा सत्ता में आती है, तो हर परिवार को साल में दो एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह योजना सीधे तौर पर आम लोगों, खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिलेंडर किसी भी समय नहीं बल्कि खास अवसरों से पहले वितरित किए जाएंगे, ताकि लोगों को त्योहारों के दौरान आर्थिक मदद मिल सके।
सरमा ने स्पष्ट किया कि पहला मुफ्त एलपीजी सिलेंडर बिहू पर्व से पहले दिया जाएगा, जो असम का सबसे महत्वपूर्ण और पारंपरिक त्योहार माना जाता है। वहीं दूसरा सिलेंडर दुर्गा पूजा से पहले दिया जाएगा, जब पूरे राज्य में बड़े स्तर पर उत्सव मनाया जाता है। इस तरह सरकार त्योहारों के समय घर-घर में रसोई का खर्च कम करने की योजना बना रही है।
राज्य में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 को होने वाले हैं, और ऐसे में यह घोषणा चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह वादा खासकर ग्रामीण और गरीब वर्ग के मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है, जिनके लिए रसोई गैस की बढ़ती कीमतें एक बड़ी चिंता रही हैं।
यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य में मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया गया हो, लेकिन असम में इस तरह की योजना को त्योहारों से जोड़कर पेश करना इसे खास बनाता है। इससे सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह सांस्कृतिक परंपराओं और आम जनता की जरूरतों दोनों का ध्यान रख रही है।
हालांकि विपक्षी दलों ने इस घोषणा पर सवाल भी उठाए हैं और इसे चुनावी ‘लुभावन वादा’ करार दिया है। उनका कहना है कि सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस योजना के लिए फंडिंग कैसे की जाएगी और क्या यह लंबे समय तक टिकाऊ है।
फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घोषणा का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है। लेकिन इतना तय है कि मुफ्त एलपीजी सिलेंडर का यह वादा असम चुनाव 2026 के प्रमुख मुद्दों में से एक बन गया है।