अमेठी में 1400 लीटर अवैध डीजल बरामद, अफवाहों के बीच पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Authored By: News Corridors Desk | 29 Mar 2026, 05:42 PM
news-banner

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। इन अफवाहों के कारण कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर भीड़ और अफरा-तफरी जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के अमेठी से एक अहम मामला सामने आया है, जहां बड़ी मात्रा में अवैध रूप से डीजल जमा करने का खुलासा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, अमेठी जिले के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत भरेथा निधि के पुरवा गांव में पुलिस को सूचना मिली कि एक घर में बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल संग्रहित किया गया है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छापेमारी की।

छापे के दौरान पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) से जुड़े कार्यकर्ता Dayaram Yadav के घर से करीब 1400 लीटर डीजल बरामद किया। इतनी बड़ी मात्रा में ईंधन का अवैध भंडारण किए जाने को गंभीर मामला मानते हुए पुलिस ने मौके पर ही डीजल को जब्त कर लिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिना अनुमति इतनी बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण करना कानूनन अपराध है। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है और यह भी जांच की जा रही है कि इस ईंधन को कहां से लाया गया था और इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।

प्राथमिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह ईंधन कालाबाजारी के लिए तो जमा नहीं किया गया था, खासकर ऐसे समय में जब बाजार में ईंधन की कमी को लेकर अफवाहें फैली हुई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट के हालात को लेकर वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। हालांकि, भारत सरकार और तेल कंपनियों की ओर से बार-बार यह स्पष्ट किया गया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही, किसी भी प्रकार के अवैध भंडारण या कालाबाजारी की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।

इस मामले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अफवाहों के दौर में कुछ लोग स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, लेकिन प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और सख्त कार्रवाई कर रहा है।