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बच्चों को कम टीके के लिए ट्रंप ने आदेश पर किया हस्ताक्षर
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अमेरिका में बच्चों के टीकाकरण को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अंक नये आदेश पर दस्तख़त के बाद बहस छिड़ गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार 10 अगस्त 2026 को एक इक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तख़त किए जिसमें बच्चों को कम टीके लगाने और मम्प्स, खसरा और रूबेला MMR के टीकों को अलग-अलग लगाने की सलाह दी गई है।
ट्रंप के इस आदेश पर हस्ताक्षर के वक्त स्वास्थ्य मंत्री के अलावा फ़ेडरल सरकार के कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे।
ट्रंप ने कहा, "कई दशक पहले, बच्चों को आज की तुलना में बहुत कम टीके लगते थे। उस समय लोग ज़्यादा स्वस्थ थे और ज़ाहिर है, ऑटिज़्म की जो ज़्यादा दरें आज देखी जाती हैं, वे तब नहीं थीं।"
ट्रंप काफी वक्त से MMR टीकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन कई अध्ययनों में इन टीकों और ऑटिज़्म के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया है।
राष्ट्रपति के इस नये आदेश को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों की सोच है कि इससे अमेरिका में टीकाकरण की दर कम हो सकती है और बच्चे खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
इस आदेश में यह भी सलाह दी गई है कि बच्चों को लगने वाले टीकों की संख्या को अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (AAP) द्वारा सुझाए गए मौजूदा 18 टीकों से घटाकर 11 कर दिया जाए। हालांकि आदेश का पालन राज्यों को करना है और उन्हें अपने टीकाकरण कार्यक्रम को नये सिरे से पुनर्गठित करना पड़ सकता है क्योंकि यह आदेश एडवाइजरी है।अमेरिका में स्कूल में दाखिले के लिए ज़रूरी टीकों के नियम राज्य स्तर पर तय होते हैं।
इस आदेश के तहत सभी बच्चों के लिए जिन टीकों की सलाह दी गई है, वे हैं - खसरा, मम्प्स, रूबेला, डिप्थीरिया, टेटनस, पर्टुसिस (काली खांसी), पोलियो, हीमोफिलस इन्फ्लुएंज़ा टाइप B, न्यूमोकोकल बीमारी, ह्यूमन पैपिलोमावायरस और वैरिसेला या चिकन पॉक्स।
ट्रंप चाहते हैं कि टीकाकरण में बच्चों के अभिभावकों की राय शामिल हो और बच्चों को ग़ैर जरूरी इंजेक्शन से बचाया जाए। व्हाइट हाउस के मुताबिक़ इस क़दम का उद्देश्य बच्चों को बहुत ज़्यादा टीके लगाए बिना, उन्हें सबसे खतरनाक और जानलेवा बीमारियों से बचाना है।