राहुल ने कहा, रोज़गार के सभी पाँच दरवाजे बंद

राहुल ने कहा, रोज़गार के सभी पाँच दरवाजे बंद
  • प्रयागराज में छात्रों की गूँज कार्यक्रम

  • राहुल गांधी ने की छात्रों और युवाओं से बातचीत

  • काँग्रेस नेता ने कहा ‘रील’ इक्कीसवीं सदी का नशा है

काँग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज नगर में आयोजित छात्रों की गूँज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि रोज़गार के जो पाँच दरवाजे हैं वो सभी बंद हैं।

शाम क़रीब सात बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में राहुल ने प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के साथ ही हाल में विरोध प्रदर्शनों में शामिल युवाओं से सीधी बातचीत कर उनका अनुभव पूछा। छात्रों ने पेपर लीक, स्कोर कार्ड जारी न करने, नार्मलाइजेशन की ढंकी छिपी व्यवस्था की शिकायत की। उन्होंने नौकरियों का टाइम बाउंड शेड्यूल नियत करने की माँग की।

राहुल गांधी ने इस बातचीत के बीच कहा कि हिन्दुस्तान में रोज़गार के सारे दरवाजे बंद हैं । उन्होंने कहा कि मैनुफैक्चरिंग में चीन, वियतनाम आपको दिखेगा लेकिन मेड़ इन इंडिया नहीं दिखेगा। उन्होंने मैनुफैक्चरिंग सेक्टर को रोज़गार का पहला दरवाजा बताते हुए कहा कि नोटबंदी और जीएसटी ने इस दरवाजे को बंद कर दिया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि दूसरा दरवाजा स्टार्टअप इंडिया है। उन्होंने कहा कि अंबानी, अदाणी को तो बैंक लाखों करोड़ का लोन दे देंगे लेकिन छात्रों को लोन नहीं देते हैं लिहाजा दूसरा दरवाजा बंद।

राहुल गांधी ने कहा कि तीसरा दरवाजा सरकारी नौकरी का है जिसमें पेपर लीक होता है। उन्होंने कहा कि 150 युवाओं में केवल एक युवा ही नौकरी पाने में सफल हो पाता है।

उन्होंने कहा कि पब्लिक सेक्टर पहले 14 लाख युवाओं को रोज़गार देता था लेकिन सरकार ने उसका निजीकरण कर दिया। सरकारी कंपनियों को बेच दिया।

उन्होंने कहा कि आखिरी उम्मीद कारपोरेट सेक्टर था लेकिन आईटी सेक्टर जिसमें पहले रोज़गार मिलता था, एआई का प्रयोग करके यह दरवाजा भी बंद किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा,

पांचों दरवाजे बंद हैं इसलिए आपको भयंकर दर्द हो रहा है।दर्द आपका, डेटा आपका दौलत इनकी।

उन्होंने कहा कि सिस्टम में प्रचारकों को तैनात करके सोच पर कंट्रोल किया जा रहा है। लेकिन हम नफ़रत और हिंसा से काम नहीं करेंगे। उन्होंने छात्रों और युवाओं से वादा किया कि उनके मुद्दों पर उनके साथ खड़े रहेंगे।