उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नवंबर में बिल के भुगतान पर राहत मिलने वाली है। फ्यूल सरचार्ज में कमी के कारण बिजली बिल 9.17 प्रतिशत तक कम होकर आने की जानकारी दी गई है। इसे इस साल अब तक की सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल के खर्च में राहत मिल सकती है।
फ्यूल सरचार्ज में बदलाव का सीधा असर बिजली बिल पर पड़ता है। ऐसे में नवंबर के बिल में होने वाली यह कमी प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम है।
फ्यूल सरचार्ज घटने से कितना कम होगा बिजली बिल?
नवंबर के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को 9.17 प्रतिशत तक की छूट मिलने की जानकारी दी गई है। यह राहत फ्यूल सरचार्ज में कमी के चलते मिलेगी। इसके कारण उपभोक्ताओं को बिल का भुगतान पहले के मुकाबले कम करना पड़ सकता है।
इस साल अब तक की सर्वाधिक गिरावट के तौर पर बताई जा रही इस कमी से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
जुलाई में भी बिजली बिल पर मिली थी 4.43% की राहत
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को इससे पहले जुलाई में भी राहत मिली थी। उस महीने बिजली की दर में 4.43 प्रतिशत की कमी हुई थी। करीब 15 महीने बाद उपभोक्ताओं को इतनी सस्ती बिजली मिलने की बात कही गई थी।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के आदेश पर यह घोषणा की थी। यह राहत ईंधन एवं बिजली खरीद लागत समायोजन (FPPCA) के तहत जारी जुलाई महीने की लागत समायोजन दर पर आधारित थी, जिसकी गणना अप्रैल 2026 की लागत के आधार पर की गई थी।
बिजली उपभोक्ताओं को मिला था 358.31 करोड़ रुपये का लाभ
जुलाई में घोषित 4.43 प्रतिशत की राहत को पिछले 15 महीनों का सबसे बड़ा FPPCA लाभ बताया गया था। इससे पहले अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान सबसे अधिक 2.42 प्रतिशत की कमी हुई थी।
जुलाई में बिजली की लागत समायोजन दर घटने से प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं को कुल 358.31 करोड़ रुपये का लाभ मिला था।
अब नवंबर के बिजली बिल में 9.17 प्रतिशत तक की कमी की जानकारी सामने आने के बाद उपभोक्ताओं को एक बार फिर राहत मिलने की उम्मीद है।