चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव में अलग-अलग राज्यों में अलग तस्वीर सामने आई है। कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज की है। उत्तर प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला जारी है, जबकि बिहार में जन सुराज ने विधान परिषद चुनाव में पहली जीत हासिल की है। महाराष्ट्र की पांच सीटों पर सत्तारूढ़ महायुति तीन सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, वहीं विपक्षी महा विकास अघाड़ी दो सीटों पर आगे है।
इन चुनावों में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। जहां कर्नाटक के नतीजों में भाजपा-जेडीएस गठबंधन का दबदबा दिखा, वहीं दूसरे राज्यों में कई सीटों पर मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
कर्नाटक: भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने चारों सीटें जीतीं
कर्नाटक विधान परिषद की चार सीटों पर भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने क्लीन स्वीप किया है। इनमें से तीन सीटें पहले भाजपा के पास थीं, जबकि जेडीएस ने एक सीट कांग्रेस से छीन ली। इन नतीजों से राज्य सरकार के स्थायित्व पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए इसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
75 सदस्यीय कर्नाटक विधान परिषद में फिलहाल कांग्रेस के 38, भाजपा के 24, जेडीएस के छह और एक निर्दलीय सदस्य हैं।
बंगलूरू शिक्षक सीट
जेडीएस के एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुत्तन्ना को 902 वोटों से हराया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुत्तन्ना को 9,902 वोट हासिल हुए।
उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट
कलबुर्गी क्षेत्र की उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर भाजपा के शशिल जी. नामोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों से पराजित किया। पांच बार के और निवर्तमान एमएलसी नामोशी को 15,596 वोट मिले, जबकि मत्तूर को 12,299 वोट हासिल हुए। कलबुर्गी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कर्नाटक सरकार में मंत्री उनके बेटे प्रियंक खरगे का गृह क्षेत्र है।
दक्षिण पूर्व स्नातक सीट
भाजपा के केएम सुरेश ने कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मुत्त को 23,098 वोटों के अंतर से हराया।
बंगलूरू पश्चिम स्नातक सीट
भाजपा के निवर्तमान एमएलसी संकनूर को 33,711 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के मोहन लिम्बीकाई को 9,323 वोटों से हराया। लिम्बीकाई को 24,388 वोट हासिल हुए।
उत्तर प्रदेश: 11 सीटों पर भाजपा और सपा के बीच मुकाबला
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच है। चुनाव वाली सीटों में से छह पहले भाजपा, तीन सपा और दो निर्दलीय सदस्यों के पास थीं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों के नतीजे आ चुके हैं। भाजपा ने तीन और सपा ने दो सीटें जीती हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में किसे मिली जीत?
भाजपा के उमेश द्विवेदी ने लखनऊ शिक्षक सीट, श्री चंद्र शर्मा ने मेरठ शिक्षक सीट और डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की।
सपा के लाल बिहारी यादव ने वाराणसी शिक्षक सीट और डॉ. आकाश अग्रवाल ने आगरा शिक्षक सीट जीती।
लखनऊ शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी को 13,179 वोट मिले। उन्होंने सपा के सुशील कुमार को 6,992 वोटों से हराया। सुशील कुमार को 8,371 वोट मिले।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के हरि सिंह ढिल्लों को 21,672 वोट मिले, जबकि सपा के दानिश अख्तर को 3,996 वोट मिले। इस तरह भाजपा ने 17,676 वोटों से जीत दर्ज की।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे
इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मान सिंह यादव विजयी हुए। आगरा स्नातक सीट भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह (गुरुजी) ने जीती। उन्होंने सपा के शशांक यादव को 8,856 वोटों से हराया।
मेरठ स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश कुमार गोयल विजयी घोषित किए गए। मेरठ की स्नातक और शिक्षक सीटों पर गोयल और श्रीचंद शर्मा ने जीत दर्ज की। साल 2020 में भी इन दोनों नेताओं ने इन सीटों पर जीत हासिल की थी।
सपा ने निर्दलीय के कब्जे वाली सीट जीती
आगरा शिक्षक सीट पर सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरि किशोर तिवारी को हराया। पिछली बार यह सीट निर्दलीय के पास थी, इसलिए इस जीत से सपा को फायदा हुआ है।
वाराणसी शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव ने भाजपा के प्रमोद मिश्रा को हराकर सपा का कब्जा बरकरार रखा। इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा के अशोक राठौर को हराया। यह सीट भी पहले सपा के पास थी।
तीन सीटों पर रुझान
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी निर्दलीय राजीव यादव से बेहद कम अंतर से आगे हैं। यह सीट पहले निर्दलीय के पास थी।
वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा आगे चल रहे हैं, जबकि भाजपा के केदार सिंह दूसरे स्थान पर हैं। इस सीट पर पहले से सपा का कब्जा था।
लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने भाजपा के अवनीश कुमार सिंह पर बढ़त बनाई है। यह सीट पहले भाजपा के पास थी।
बिहार: जन सुराज ने खोला खाता, पटना शिक्षक सीट पर राजद की जीत
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। इन चुनावों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने अपनी पहली चुनावी जीत दर्ज की है। वहीं, पटना शिक्षक सीट पर राजद ने भाजपा के पांच बार के और मौजूदा एमएलसी नवल किशोर यादव को हराया।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे
दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और निवर्तमान एमएलसी मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया। इस जीत के साथ जन सुराज ने विधान परिषद चुनाव में अपना खाता खोला।
पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार यादव ने भाजपा के नवल किशोर यादव को पराजित किया। डॉ. संजीव पहले जदयू में थे और 2024 में पार्टी से अलग हो गए थे।
तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा और भाकपा समर्थित निवर्तमान एमएलसी संजय कुमार सिंह को हराया।
सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने जदयू के आनंद पुष्कर और मौजूदा एमएलसी आफाक अहमद को पराजित किया। राहुल राज पहले भाजपा में थे।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में किसकी बढ़त?
कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के एनके यादव ने राजद के नितेश यादव को हराकर जीत दर्ज की है।
पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार प्रथम वरीयता के मतों में राजद के दिलीप राय से बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। जन सुराज के अनुज सिंह तीसरे स्थान पर हैं।
दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा के सर्वेश कुमार आगे चल रहे हैं। तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार वंशीधर बृजवासी ने जदयू और राजद दोनों के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया है।
महाराष्ट्र: महायुति तीन और महा विकास अघाड़ी दो सीटों पर आगे
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों में तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के लिए कुल 182 उम्मीदवार मैदान में हैं। अब तक के रुझानों में सत्तारूढ़ महायुति तीन सीटों पर और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दो सीटों पर आगे है।
महायुति की तीन सीटों पर बढ़त
नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा के सुधाकर कोहले ने कांग्रेस के निवर्तमान एमएलसी अभिजीत वंजारी पर 4,000 से अधिक वोटों की बढ़त बनाई है। कोहले को 60,921 वोट मिले हैं, जबकि वंजारी को 56,630 वोट हासिल हुए हैं।
अमरावती शिक्षक सीट पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के किरण सरनाईक 8,575 वोट पाकर कांग्रेस की अदिति पोहारे से 4,752 वोट आगे चल रहे हैं। शिवसेना के बागी उम्मीदवार श्रीकांत देशपांडे 4,732 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
पुणे शिक्षक सीट पर भाजपा के कौस्तुभ गावड़े प्रथम वरीयता के मतों की गिनती में आगे हैं। उनके पीछे निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप हैं, जिन्हें शिवसेना-शिंदे गुट का समर्थन प्राप्त है।
महा विकास अघाड़ी दो सीटों पर आगे
छत्रपति संभाजीनगर/औरंगाबाद स्नातक सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रतापसिंह पाटिल को 78,540 वोट मिले हैं। वह निवर्तमान एमएलसी और राकांपा (अजित पवार) के उम्मीदवार सतीश चव्हाण से आगे हैं। चव्हाण को 55,180 वोट मिले हैं और पाटिल की बढ़त 23,360 वोटों की है।
पुणे स्नातक सीट पर राकांपा-एसपी की हर्षदा देशमुख प्रथम वरीयता के मतों में महायुति समर्थित स्मिता जाधव से आगे चल रही हैं।
चार राज्यों के चुनाव में अलग-अलग तस्वीर
विधान परिषद चुनाव में कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने चारों सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की है। उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच सीटों को लेकर मुकाबला बना हुआ है। बिहार में जन सुराज की पहली चुनावी जीत और पटना शिक्षक सीट पर राजद की जीत चर्चा में है। वहीं, महाराष्ट्र में महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच पांच सीटों पर मुकाबला जारी है।