हाइलाइट्स:
• अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत के प्रयासों को बताया महत्वपूर्ण
• अवैध अफीम की खेती रोकने के प्रयासों का किया उल्लेख
• अमेरिका-भारत ड्रग नीति ढांचे के तहत सहयोग जारी रखने की बात
• 23 देशों को अमेरिका की 2027 ‘मेजर्स लिस्ट’ में शामिल किया गया
Drug Trafficking: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Donald Trump ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Narendra Modi और भारत सरकार Government of India के नशीली दवाओं के खिलाफ प्रयासों की सराहना की है। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने में उल्लेखनीय काम किया है और अमेरिका उनके प्रयासों की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान में मिलकर काम करना जारी रखेंगे। ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिका की ओर से दुनिया में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और तस्करी से जुड़े देशों की नई सूची जारी किए जाने के बाद सामने आई है। व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ने 2027 के लिए 23 देशों को ‘मेजर्स लिस्ट’ में शामिल किया है। इनमें वे देश शामिल हैं जिन्हें अमेरिका अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति के स्रोत या उनके परिवहन से जुड़े प्रमुख देशों के रूप में नामित करता है।
अवैध अफीम की खेती का मुद्दा
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत में अवैध अफीम की खेती से निपटने और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी मजबूत करने के प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने अमेरिका-भारत ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क के माध्यम से आगे भी सहयोग जारी रखने की इच्छा जताई।
अमेरिका और भारत के बीच मादक पदार्थों से संबंधित सहयोग में अवैध ड्रग्स और उनके रसायन संबंधी उत्पादन व अंतरराष्ट्रीय तस्करी को रोकना तथा दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करना शामिल है। जनवरी 2026 में दोनों देशों के अधिकारियों की ड्रग पॉलिसी कार्यकारी समूह की पहली बैठक भी हुई थी, जिसमें अवैध मादक पदार्थों और उनके प्रीकर्सर रसायनों की तस्करी रोकने पर सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई थी।
ट्रंप ने पेरू, अर्जेंटीना, इक्वाडोर और अल सल्वाडोर के मादक पदार्थों के खिलाफ प्रयासों का भी उल्लेख किया। वहीं, उन्होंने ब्राजील की नशीली दवाओं और नार्कोटेररिज्म से निपटने की नीति पर असंतोष जताया। आधिकारिक अमेरिकी सूची में अफगानिस्तान, बोलीविया, म्यांमार और कोलंबिया को पिछले 12 महीनों में अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण दायित्वों के अनुरूप पर्याप्त प्रयास नहीं करने वाले देशों के रूप में अलग से चिह्नित किया गया है।