हाइलाइट्स:
• किताब में स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की कहानियां
• 44 राजनीतिक बंदियों और असंतुष्टों के बनाए चित्र शामिल
• 9 मार्च 2027 को जारी होगी पुस्तक, बुश सेंटर में प्रदर्शनी
• दमन के बीच साहस और दृढ़ता को रेखांकित करती है कृति
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने अपनी नई पुस्तक द कॉल ऑफ फ्रीडम की घोषणा की है। पुस्तक में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में उत्पीड़न और दमन का सामना करने वाले राजनीतिक बंदियों और असंतुष्टों के 44 पूर्ण रंगीन चित्र शामिल किए गए हैं। पुस्तक के साथ डलास के बुश सेंटर में एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसका प्रकाशन 9 मार्च 2027 को होगा और फिलहाल इसकी प्री-ऑर्डर बुकिंग शुरू हो गई है।
पुस्तक के कवर पर दलाई लामा और नेल्सन मंडेला समेत अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों के चित्र शामिल हैं। पुस्तक में शामिल लोगों को उनकी जातीय पहचान, लैंगिकता, राजनीतिक विचारों और धार्मिक मान्यताओं के कारण उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। बुश ने चित्रों के साथ उनके संघर्ष और न्याय एवं मानवाधिकारों के लिए किए गए प्रयासों की कहानियां भी प्रस्तुत की हैं।
बुश के अनुसार, इस पुस्तक का उद्देश्य उन लोगों के साहस और दृढ़ता को सामने लाना है, जिन्होंने तानाशाही और दमन के बावजूद अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन 44 चित्रों और उनसे जुड़ी कहानियों से अन्य लोगों को भी निर्भीकता और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा मिलेगी।
पुस्तक में चित्रित व्यक्तियों के जीवन, उनके सामने आई चुनौतियों और उनसे मिलने वाली सीख को चित्रों और विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। कृति में यह भी रेखांकित किया गया है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दमन के अनुभव भले ही अलग हों, लेकिन स्वतंत्रता की आकांक्षा सार्वभौमिक है।
बुश ने कहा कि स्वतंत्रता में रहने वाले लोगों का दायित्व है कि वे उन लोगों के साथ खड़े हों, जो स्वतंत्रता से वंचित हैं। उनके मुताबिक, व्यक्ति चाहे कहीं भी रहता हो या उसकी परवरिश किसी भी परिस्थिति में हुई हो, हर इंसान के भीतर स्वतंत्रता की इच्छा होती है।