तमिलनाडु की जेल से 17 कैदी फरार होने पर CM विजय सख्त, डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट समेत 18 कर्मचारी निलंबित

तमिलनाडु की जेल से 17 कैदी फरार होने पर CM विजय सख्त, डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट समेत 18 कर्मचारी निलंबित
हाइलाइट्स
• थेनी जेल से 26 अक्टूबर को फरार हुए थे 17 कैदी
• डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट एन. रामलिंगम निलंबित
• जेलर समेत 17 कर्मचारियों पर भी गिरी गाज

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने थेनी जिले की उप-जेल से 17 कैदियों के फरार होने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। 26 अक्टूबर को हुई इस घटना को जेल की सुरक्षा में गंभीर चूक मानते हुए सरकार ने डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी जेलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

मेडिकल इमरजेंसी का नाटक कर जेल से भागे थे 17 कैदी

यह घटना थेनी जिले की थेक्कमपट्टी उप-जेल में हुई थी। 26 अक्टूबर को वहां बंद 17 कैदियों ने जेल से निकलने के लिए फर्जी मेडिकल इमरजेंसी का सहारा लिया।

कैदियों ने पहले चिकित्सा आपातस्थिति का नाटक किया और फिर जेल कर्मचारियों को अपने काबू में कर लिया। इसके बाद सभी 17 कैदी जेल से फरार हो गए। हालांकि, बाद में पुलिस और संबंधित अधिकारियों ने सभी फरार कैदियों को दोबारा पकड़ लिया।

डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट एन. रामलिंगम निलंबित

घटना के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने जेल प्रशासन की लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत डिप्टी जेल सुपरिटेंडेंट (प्रभारी) एन. रामलिंगम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

एन. रामलिंगम 6 अगस्त 2024 से थेनी जिले में तैनात थे। उनके निलंबन की कार्रवाई आगे के आदेश तक जारी रहेगी।

जेलर समेत 17 कर्मचारियों पर भी गिरी गाज

कैदियों के फरार होने के मामले में जेलर समेत 17 अन्य कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया है। सरकार ने सभी के खिलाफ विभागीय जांच कराने और आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार के अनुसार, ड्यूटी में लापरवाही और जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उचित निगरानी नहीं रखने के कारण यह घटना हुई। इसी को देखते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।

राज्य की सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

थेनी जेल की घटना के बाद मुख्यमंत्री विजय ने पूरे राज्य की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भविष्य में किसी भी जेल में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए।

इसके लिए सभी जेलों में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरों और निगरानी तंत्र को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जेल कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय करने पर भी जोर दिया गया है।

जेल प्रशासन की व्यवस्था में बदलाव के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य जेलों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।