काँग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा मुखिया अखिलेश यादव और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को अपने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक जवान एके 47 ताने एक्शन में दिखाई दे रहा है।
बिहार के सीवान का बताये जा रहे इस वीडियो को लेकर राजद RJD नेता तेजस्वी यादव ने लिखा, ‘ देखिए कैसे बिहार में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मी AK-47 से गोली चला रहा है? संपूर्ण देश में किसी भी छात्र प्रदर्शन में Police Manual का उल्लंघन कर AK-47 से गोली चलाने का यह प्रथम मामला है।’
वीडियो को शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि बिहार के सीवान में निहत्थे आंदोलनकारियों पर AK47 जैसे घातक हथियार का प्रयोग किसके कहने पर किया गया?
समाजवादी नेता ने कहा, ‘जो छात्र इसकी घातक फ़ायरिंग में घायल हुए हैं, उनके लिए पूरा देश चिंतित है। पूरी दुनिया में फैले भारतीयों और ख़ासतौर से बिहार के मूल निवासियों के बीच इससे बेहद आक्रोश फैल गया है।’
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा,’ छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।’
इसी पोस्ट में उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
इस बीच मीडिया की खबरों में कहा गया है कि सीवान में जिस जवान के हाथ में एके 47 थी उसे सस्पेंड कर दिया गया है। लेकिन तेजस्वी यादव का कहा है कि क्या ऐसे मामलों में सिर्फ गोली चलाने वाला ही दोषी होगा? उस जिले के SP और उच्च अधिकारियों को अविलंब सस्पेंड करना चाहिए? गृहमंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए अन्यथा प्रदेश में अराजक स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।
दूसरी तरफ़ मीडिया की कुछ खबरों में सांसद और बीजेपी नेता संबित पात्रा के हवाले से कहा गया है कि छात्र प्रदर्शनकारियो के ख़िलाफ़ AK-47 के इस्तेमाल का गैरजिम्मेदाराना ट्वीट करने के लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि LOP,जैसे ज़िम्मेदार पद पर होने के बावजूद वह झूठ फैला रहे हैं।
आपको बता दें कि राहुल गांधी रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल करने का दावा करते हुए उनसे आदेश देने वाले का ब्यौरा मांगा है।