राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ RSS ने श्री रामजन्मभूमि मंदिर में दानपेटी चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की घटना पर दु:ख व्यक्त किया है और और ऐसी व्यवस्था बनाने की अपेक्षा की है कि दोबारा ऐसी कोई घटना न हो।
कर्नाटक के बेलगामी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, “बैठक में सभी ने श्री रामजन्मभूमि मंदिर में दानपेटी चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की घटना पर दु:ख व्यक्त किया।“
इस बैठक में विश्वास जताया गया कि राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के निवेदन पर चल रही एसआईटी एवं पुलिस कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुँचेगी। बयान में कहा गया है, “तीर्थक्षेत्र न्यास से यह अपेक्षा की गई कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो जिससे समस्त राम भक्तों की राम मंदिर के प्रति श्रद्धा और गहरी आस्था पर आघात हो।”
| संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर द्वारा जारी इस बयान के अनुसार, बैठक में वर्तमान परिदृश्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई जिसमें मुख्य रूप से जनगणना के संदर्भ में जानकारी और जनसांख्यिकी असंतुलन से उत्पन्न चुनौतियाँ आदि विषय शामिल रहे। ड्रग्स के बढ़ते दुष्प्रभाव पर चिंता के साथ ही नशा मुक्ति के लिए प्राथमिकता से प्रयासों की आवश्यकता तथा सन्त शिरोमणि रविदास महाराज जी के 650 वें जन्म जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की योजना पर भी चर्चा हुई। |
संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित 226 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
RSS की इस बैटक में शाखाओं के स्तर पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन की दृष्टि से विस्तार से चर्चा की गई और सितम्बर मास में अधिकतम शाखा विस्तार योजना पर भी चर्चा की गई। बैठक में मार्च 2026 के बाद संघ के विभिन्न स्तरों पर हुए प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा की गई। इस वर्ष देशभर में कुल 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग संपन्न हुए जिसमें कुल 18842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हुए कार्यक्रमों की समीक्षा तथा निर्धारित शेष कार्यक्रमों की योजना पर भी विचार किया गया। शताब्दी वर्ष के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्पर्क में आए लोगों को सामाजिक कार्यों और पंच परिवर्तन के विषयों में सक्रिय करने की योजना पर विचार हुआ।सरसंघचालक की वर्ष 2026-27 की प्रवास योजना पर भी चर्चा की गई।