दम भी दिखाया, सियासी कौशल भी

दम भी दिखाया, सियासी कौशल भी

मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अपना टिकट कटने के बाद जिस राजनीतिक कौशल का परिचय दिया है उससे भविष्य में उनकी संभावनाएं समाप्त होने की क़यास लगा रहे लोगों को झटका लगेगा।

दबंग नेता के तौर पर पहचान रखने वाले मिश्रा का टिकट कटने के बाद कुछ लोग मानकर चल रहे थे कि वो बागी हो जाएंगे और भारतीय जनता पार्टी की मिट्टी पलीत करेंगे। लेकिन उन्होंने जिस तरह से पार्टी सर्वोपरि है और लोगों को संयम से काम लेना चाहिए जैसे बयान दिये उससे साबित हो गया कि वो लंबी इनिंग खेलना जानते हैं।

टिकट काटे जाने के बाद पूर्व गृह मंत्री जिस तरह से भोपाल पहुंचे और मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित पार्टी के अन्य लोगों से उनकी मुलाक़ात हुई उससे उनकी अहमियत सामने आ गई। माना जा रहा है कि पार्टी ने उन्हें कोई ठोस आश्वासन दिया होगा।

अपने नेता को टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थक नाराज हैं। दतिया में उपद्रव हुआ, नेशनल हाई-वे 11 घंटों तक जाम रहा और कई बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी से सामूहिक इस्तीफे दे दिए, लेकिन इस सब के बावजूद बीजेपी नेतृत्व ने सभी इस्तीफे नकार दिए हैं और डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर बड़ी बात कही है।

जब टिकट कटने की ख़बर फैली तो मिश्रा के समर्थक धरना प्रदर्शन पर उतरे। उस रात पूर्व गृह मंत्री ख़ामोश रहे। लेकिन भोपाल पहुंचने के बाद जादुई तरीके से उनके तेवर में बदलाव आया और उन्होंने पार्टी की लाइन पकड़ ली।

दतिया विधानसभा उपचुनाव की नामांकन प्रक्रिया के बीच खुलकर बीजेपी में सामने आई अंतर्कलह के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बयान ने ये तो तय कर दिया कि टिकट नहीं बदला जाएगा और फ़िलहाल नरोत्तम मिश्र फिर विधायक नहीं बन पाएंगे।

भोपाल की मुलाकात

शुक्रवार दोपहर दतिया से भोपाल रवाना हुए पूर्व गृह मंत्री ने मुख्य मंत्री मोहन यादव और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात की।इस मुलाकात में क्या बातचीत हुई, ये अब अब तक साफ नहीं है. लेकिन इस मुलाकात के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने वीडियो जारी कर बड़ा बयान दिया।

पदाधिकारियों के इस्तीफे नामंजूर

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “दतिया उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी जी को उम्मीदवार बनाया है, जानकारी में आया है कि इसके बाद दतिया में कुछ लोगों ने भावावेश में इस्तीफे दिए हैं। लेकिन मुझे कोई भी इस्तीफा नहीं मिला है।”  उन्होंने आगे कहा, "भारतीय जनता पार्टी संगठन ने तय किया है कि हम किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा स्वीकार नहीं करेंगे।”

नरोत्तम के नेतृत्व में जीतेंगे उपचुनाव

पूर्व गृह मंत्री को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने बयान दिया, "हमारे वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के सम्मानित नेता हैं, उनके मार्गदर्शन में बीजेपी दतिया चुनाव भारी बहुमत से जीतेगी।”

प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद ये बात साफ हो चुकी है कि किसी आश्वासन के साथ बीजेपी संगठन ने नरोत्तम मिश्रा को फिलहाल साध लिया है और वह फ़िलहाल कोई ऐसा क़दम नहीं उठाएंगे जिससे उनपर पार्टी के ख़िलाफ़ जाने की तोहमत लगे।

दतिया विधानसभा चुनाव में पिछली बार मिश्रा काँग्रेस के उम्मीदवार के हाथों पराजित हो गये थे। ऐसे में अब उपचुनाव में अगर फिर बीजेपी इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाती तो सारी तोहमत मिश्रा पर लगेगी। ऐसे में सियासी नफा नुक़सान को समझने वाले नरोत्तम मिश्र से यही उम्मीद की जा रही है कि वो पार्टी संगठन और आलाकमान के निर्देशों के अनुसार चलें।