भारतीय परंपरा में गुरुपूर्णिमा के अवसर पर शिष्य अपने गुरु को शीश नवाता है और उसे रास्ता दिखाने के लिए धन्यवाद करता है। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी अपने गुरु को भूले नहीं।
गुरुपूर्णिमा के अवसर पर सचिन तेंदुलकर अपने दिवंगत गुरु रमाकांत आचरेकर के स्मारक पर पहुंचे और शीश नवाया। सचिन ने सोशल मीडिया पर अपने हैंडल से इसकी भावुक करने वाली तस्वीरें साझा की हैं जिनमें वह श्रद्धावनत दिखाई दे रहे हैं।
सचिन ने कहा
आज यहाँ खड़े होकर मुझे एक बात का एहसास हुआ। चाहे कितने भी साल बीत जाएँ, मुझे हमेशा ऐसा ही लगेगा कि एक 'थैंक यू' कहना अभी भी बाकी है।
मुझ पर भरोसा करने, मेरा मार्गदर्शन करने और मुझे वह इंसान बनाने में मदद करने के लिए आपका धन्यवाद।
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ, आचरेकर सर।
क्रिकेट कोच रमाकांत आचरेकर को उनकी कोचिंग के लिए द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया था। उन्होंने बचपन में ही सचिन की प्रतिभा को पहचान लिया था और अपने हुनर से उसे तराशा था।