पीएम मोदी पर खरगे की टिप्पणी से सियासी घमासान, राजनाथ सिंह बोले- ‘व्यक्तिगत मर्यादा की सीमाएं न लांघें’

पीएम मोदी पर खरगे की टिप्पणी से सियासी घमासान, राजनाथ सिंह बोले- ‘व्यक्तिगत मर्यादा की सीमाएं न लांघें’
हाइलाइट्स
• खरगे की टिप्पणी पर राजनाथ सिंह बोले- व्यक्तिगत मर्यादा में रहें
• भाजपा ने की बिना शर्त माफी की मांग, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
• कांग्रेस ने कहा- खरगे ने एक टिप्पणी के जवाब में अपनी बात रखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने खरगे से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है और देशभर में विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध और सरकार की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है।

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

राजनाथ सिंह ने कहा कि खरगे की टिप्पणी केवल किसी व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं, बल्कि उनके अनुसार पूरे भारत का अपमान है। उन्होंने इसे राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार बताया।

रक्षा मंत्री ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह केवल किसी व्यक्ति या परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का अपमान है। यह राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार है। लोकतंत्र में आप अपना विरोध जता सकते हैं, नीतियों पर सवाल उठा सकते हैं और सरकार की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन कृपया, व्यक्तिगत मर्यादा की सीमाएं न लांघें। मेरी यही सलाह है।'

राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की राजनीतिक और वैचारिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस न केवल राजनीतिक रूप से कमजोर हुई है, बल्कि उनकी नजर में वैचारिक रूप से भी उसका पतन हुआ है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता हर चीज पर नजर रखती है और सही समय आने पर जवाब देती है। राजनाथ सिंह के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसी टिप्पणियों से विचलित नहीं होंगे और जनता की सेवा करने के उनके संकल्प में भी कोई कमी नहीं आएगी।

भाजपा की बिना शर्त माफी की मांग

खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर किसी के परिवार और दिवंगत परिजनों को निशाना बनाना गलत है।

भाजपा ने खरगे से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और अब उनके बयान का बचाव भी किया जा रहा है।

इस मामले को लेकर भाजपा ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का फैसला किया है। पार्टी ने अपनी राज्य इकाइयों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदर्शन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद है।

कांग्रेस ने खरगे के बयान पर क्या सफाई दी?

दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी इस विवाद पर अपना पक्ष रखा है। पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि खरगे को कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ा है।

खेड़ा ने उत्तराखंड में आयोजित एक कार्यक्रम का जिक्र किया, जहां उनके अनुसार खरगे के संबोधन से पहले कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान हुआ था।

उन्होंने बिहार के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। पवन खेड़ा के मुताबिक, खरगे के भाषण के दौरान एक भाजपा समर्थक ने टिप्पणी की थी कि उनके पिता भी आ जाएं, तब भी मोदी नहीं हारेंगे। कांग्रेस का कहना है कि खरगे ने इसी टिप्पणी के जवाब में अपनी बात रखी थी।

कैसे शुरू हुआ खरगे और भाजपा के बीच विवाद?

यह विवाद बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।

इस टिप्पणी के जवाब में खरगे ने कहा, 'मोदी के बाप भी चले जाएंगे।'

भाजपा ने खरगे के इस बयान को प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक बताया। इसके बाद पार्टी ने विरोध शुरू कर दिया और कांग्रेस अध्यक्ष से बिना शर्त माफी की मांग की।

अब इस बयान को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा ने देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया है, जबकि कांग्रेस ने खरगे की टिप्पणी के पीछे कार्यक्रम में हुई कथित टिप्पणी को वजह बताया है।