युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं असीमित-मोदी

युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं असीमित-मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट की हालिया ऐतिहासिक उपलब्धि  का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह ही असीमित हैं।

संसद परिसर में मानसून सत्र 2026 के पहले दिन मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने मात्र 28 वर्ष की औसत आयु वाली एक टीम द्वारा देश को निजी अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग में सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के अविश्वसनीय तथ्य की प्रशंसा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ये उपलब्धियां राष्ट्रीय आत्मविश्वास को बहुत बढ़ाती हैं।

मोदी ने कहा, "हमारे युवाओं द्वारा संचालित इन स्टार्टअप्स ने अंतरिक्ष में भारत का ध्वज मजबूती से स्थापित किया है जिससे हमारे देश की छवि सार्वभौमिक और विश्वव्यापी हो गई है।"

मोदी ने कहा, "देश ने आज जिस सुधार की राह पर तेजी से कदम रखा है, उसी का परिणाम है कि हमारे युवा इतना साहस दिखा पा रहे हैं और सफल हो रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए कई महत्वपूर्ण उद्घाटनों का विवरण देते हुए राजस्थान में हाल ही में शुरू हुई एक बड़ी तेल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र और दुनिया की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हरित हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ का उल्लेख किया। उन्होंने इन अत्याधुनिक राष्ट्रीय संपत्तियों का श्रेय देश के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और श्रमिकों के एकजुट समर्पण और अथक परिश्रम को दिया।

संसद के मानसून सत्र को लेकर उन्होंने कहा "हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय रहे और मानसून सत्र भी उत्पादक हो।"

विधायी एजेंडा की ओर बढ़ते हुए उन्होंने सभी अनुभवी सांसदों से इस तीव्र राष्ट्रीय गति का लाभ उठाने का आग्रह किया और देशभक्ति को प्राथमिकता देते हुए तथ्यों पर आधारित गहन रचनात्मक बहसों का आह्वान किया, जिसमें प्रत्येक आवाज और विचार का सम्मान सुनिश्चित हो।

मोदी ने कहा, "जहां ठोस तथ्य और तर्क होते हैं, वहां व्यवधानों के लिए कोई जगह नहीं होती; शांत मन से भी सशक्त आवाज उठाई जा सकती है जो आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र को आगे ले जाए।"