उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत की नई पीढ़ी दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए, लेकिन जड़ें अपनी मिट्टी और संस्कृति में गहरी हों। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल होने के साथ रूटेड भी हो, आधुनिक तकनीक से लैस हो और उसके हृदय में भारत के प्रति गर्व तथा समाज के प्रति संवेदनशीलता हो।
योगी आदित्यनाथ नेल्लोर के वेंकटचलम में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उनके पहुंचते ही पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उनका स्वागत किया। योगी और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया। गांव कभी केवल कृषि के केंद्र नहीं थे, बल्कि अर्थव्यवस्था, संस्कृति, ज्ञान, जल संरक्षण और स्थानीय संस्थाओं के आधार भी रहे। उनकी अर्थव्यवस्था एक तरह की सर्कुलर इकॉनमी थी, जहां एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका बनता था।
उन्होंने कहा कि तकनीक भेदभाव नहीं करती और नया भारत गांव की ताकत को आधुनिक तकनीक से जोड़ रहा है। स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और यूपी के अटल आवासीय विद्यालय वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की समान सोच पर काम कर रहे हैं।
योगी ने वेंकैया नायडू की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के बीच आत्मीय सेतु बनाने का कार्य किया है।