मोदी के मंत्र
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बदलती दुनिया के बीच जो सीखेगा, वो जीतेगा
सवाल पूछकर मत रुकिए, समाधानका साहस भी रखिए
कई क्षेत्र का इंतजार कर रहे हैं, मैं भी कर रहा हूं
बड़ी संभावना आप सबके सामने रिसर्च भी है
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PM in IIT Delhi Convocation; प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली आईआईटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए शनिवार को युवा इंजीनियरों को आगे बढ़ने के लिए कई मंत्र दिए।
मोदी ने छात्रो से अपने कैम्पस से लेकर हॉस्टल और खाने पीने से लेकर घूमने तक की सभी यादों को संजो लेने को कहा । उन्होंने कहा कि यहां से निकलकर वो जीवन के संघर्ष के लिए निकलेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आप ऐसे समय में इस इंस्टीट्यूट से निकल रहे हैं, जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। आज दुनिया की स्ट्रैटेजिक इक्वेशन बहुत तेजी से बदल रही है, ग्लोबल पावर बैलेंस भी प्रतिपल बदल रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी फोर्स है टेक्नोलॉजी की स्पीड। आज कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि अगले 20-30 वर्षों की दुनिया कैसी होगी।
उन्होंने कहा कि दुनिया बदलेगी, टेक्नोलॉजी भी बदलेगी,इंडस्ट्रीज़ भी बदलेंगी, प्रोफेशन्स भी बदलेंगे। लेकिन इन सबके बीच जो सीखेगा, वो जीतेगा।
डिग्री लेकर छात्र जीवन से निकल रहे छात्रों से मोदी ने कहा, ‘मेरा सुझाव होगा कि जाते-जाते यहाँ के हर सदस्य से मिल करके जाइए, और आप कहीं भी रहें, कोशिश करिएगा, ये रिश्ता हमेशा-हमेशा ताजा बना रहे। ‘
प्रधानमंत्री ने कहा कि लाइफ में curiosity बनाए रखिए, अपनी learning instinct को जगाए रखिए, चेतना बनाए रखिए। लेकिन सिर्फ सवाल पूछकर मत रुकिए, उनका समाधान खोजने का साहस भी रखिए।
उन्होंने कहा कि आज भारत Economic Self-Reliance, Technological Self-Reliance, Industrial Self-Reliance ऐसे हर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने के लिए काम कर रहा है। यही विकसित भारत की मजबूत नींव का सबूत है। इस मजबूत नींव पर आपको एक भव्य-सुंदर विकसित भारत का निर्माण करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘Artificial Intelligence, डेटा सेंटर्स, क्रिटिकल मिनरल्स, Deep Sea Exploration, Batteries, Power Storage, एनर्जी सिक्योरिटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, Quantum Computing ऐसे अनेक क्षेत्र आपके talent, आपके इनोवेशन और आपकी लीडरशिप का इंतजार कर रहे हैं, और मैं भी इंतजार कर रहा हूं।’
मोदी ने कहा कि अब एक और बड़ी संभावना आप सबके सामने है, और वो नया अवसर है- रिसर्च। आज देश को नई-नई research की बहुत जरूरत है और research पर हमारा उतना ही फोकस भी है।
प्रधामंत्री ने ये भी कहा
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| आज आप सभी, और सारे students इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं, लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा, मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा। हर स्टूडेंट के मन में आने वाले कल की अपनी-अपनी तस्वीर होगी। कई छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे। कोई नए शहर में नई शुरुआत की तैयारी में होगा। कई साथी अपने पहले स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे। किसी ने अगले Competitive Exams का लक्ष्य बनाया होगा। हर किसी का रास्ता अलग है, हर किसी का सपना अलग है, लेकिन इन सबके बाद भी एक एहसास ऐसा है जो आप सभी के मन में एक सा होगा, वो दिन याद करिए, जब आपका IIT दिल्ली में पहला दिन था और एक ये आज का दिन है। आप सोच रहे होंगे कि अभी कल की ही तो बात है, जब ओरिएंटेशन हुआ था और अब ये कॉन्वोकेशन का समय भी आ गया, तो ओरिएंटेशन से कॉन्वोकेशन की इस यात्रा का आपको भरपूर satisfaction भी होगा। और साथ ही आप सभी में जीवन के एक नए चैप्टर की शुरुआत का उत्साह भी होगा। |