पीएम मोदी ने ESTIC 2026 का किया उद्घाटन, विज्ञान और नवाचार पर जोर

पीएम मोदी ने ESTIC 2026 का किया उद्घाटन, विज्ञान और नवाचार पर जोर
  • पीएम मोदी ने नई दिल्ली में ESTIC 2026 का उद्घाटन किया
  • 29 अक्टूबर तक चलेगा तीन दिवसीय विज्ञान एवं नवाचार सम्मेलन
  • 150 डीप-टेक स्टार्टअप की प्रदर्शनी में दिखेंगे नए तकनीकी समाधान
  • एआई, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य समेत 12 क्षेत्रों पर चर्चा

ESTIC 2026 Science Conclave: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का उद्घाटन किया। 27 से 29 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को मजबूत करना और शोध को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ना है। इसमें शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप संस्थापकों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

12 प्रमुख क्षेत्रों में होगा मंथन

सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और जलवायु विज्ञान सहित 12 प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इसका जोर वैज्ञानिक अनुसंधान को ऐसे नवाचारों में बदलने पर है, जिनका लाभ उद्योग, स्वास्थ्य सेवाओं और आम लोगों तक पहुंच सके। सम्मेलन को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान और तकनीक की भूमिका मजबूत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

150 डीप-टेक स्टार्टअप की प्रदर्शनी

ESTIC 2026 में 150 डीप-टेक स्टार्टअप के स्टॉल वाली प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। इसमें उभरती तकनीकों, अनुसंधान आधारित उत्पादों और स्वदेशी समाधानों को प्रदर्शित किया जा रहा है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से पानी के भीतर इस्तेमाल होने वाले उपकरण, अफ्रीकन स्वाइन फीवर के लिए स्वदेशी टीका और आयुष उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया है। इन प्रस्तुतियों के जरिए कृषि, पशु स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा से जुड़े अनुसंधान को सामने लाने का प्रयास किया गया है।

नोबेल पुरस्कार विजेता समेत वैश्विक विशेषज्ञ शामिल

सम्मेलन के प्रमुख सत्रों में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर जोआखिम फ्रैंक और वैज्ञानिक सर रिचर्ड जे. रॉबर्ट्स के व्याख्यान भी शामिल हैं। इन सत्रों में वैज्ञानिक प्रगति, अनुसंधान और नई तकनीकों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

आनुवंशिक विविधता भारत की ताकत

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की आनुवंशिक विविधता को जीन अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बताया। उन्होंने इस विविधता के वैज्ञानिक उपयोग और स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावनाओं पर जोर दिया।

सम्मेलन का व्यापक उद्देश्य अनुसंधान, उद्योग और स्टार्टअप के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा वैज्ञानिक उपलब्धियों को व्यावहारिक समाधानों में बदलना है, ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल सके।