- अमित कश्यप की हत्या के मामले में अदालत का बड़ा फैसला
- 553 दिनों में 87 तारीखों के बाद सुनाया गया फैसला
- अभियोजन के मुताबिक, हत्या को सर्पदंश दिखाने की कोशिश हुई
- सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत में भावुक हुए परिजन और वकील
|
Meerut Snake Murder Case: देश के चर्चित नीले ड्रम में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाने के बाद सांपकांड में भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर (एडीजे-12) ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। पति अमित कश्यप की हत्या में अदालत ने पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है।
सजा सुनाते ही न्यायाधीश ने अपनी कलम तोड़ दी। इस फैसले को सुनते ही अधिवक्ताओं से भरी अदालत तालियों से गूंज गई। सजा के फैसले के दौरान रविता और उसका प्रेमी की जिला जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई थी। रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को 7 अक्टूबर को अमित कश्यप की हत्या का दोषी ठहराया गया था। सजा के ऐलान के दौरान दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया ।
जज ने किया सती सावित्री का जिक्र
न्यायधीश जयवीर सिंह नागर ने नीला ड्रम हत्याकांड का नाम लिए बगैर कहा, 'केवल काट डालना ही जघन्य अपराध नहीं है।' जज ने फैसले में सती सावित्री का जिक्र करते हुए कहा, पति की लंबी उम्र के लिए पत्नी करवाचौथ का व्रत करती है, लेकिन यहां प्रेमी के साथ ये कृत्य किया जो माफी लायक नहीं है। ‘जज ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर माना और मृत्युदंड की सजा सुनाने के बाद पेन तोड़कर फेंक दिया।’ फैसला सुनाने से पहले न्यायाधीश ने मनुस्मृति और आत्रेय संहिता के श्लोकों से शुरूआत की थी।
553 दिनों में फैसला
553 दिन, 87 तारीखों और 12 गवाहों के बयान कमलंबद करने के बाद साक्ष्य और गवाहों बयानों के आधार पर न्यायाधीश ने बड़ा फैसला सुनाया।
दो दिन में चार लोगों को फांसी की सजा
मेरठ में दो दिन के अंदर चार लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे पहले सौरभ की हत्या में पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा हुई थी। शुक्रवार सुबह से ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर (एडीजे-12) कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं से लेकर मीडिया को जमावड़ा शुरू हो गया था। लंच बाद यानि सवा तीन बजे न्यायधीश ने जैसे ही सांपकांड में दिवगंत अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई तो अधिवक्ताओं से खचाखच भरी अदालत तालियों से गूंज गई।
सजा सुनते ही रो पड़ी मां और वकील
सजा सुनते की सरकारी वकील फरजाना मकसूद अहमद और अमित की मां मुनेश अदालत में ही फफक कर रोने लगी। सरकारी वकील का कहना था कि पति-पत्नी के पवित्र रिश्तों का कत्ल हुआ था और न्यायाधीश ने फांसी की सजा सुनाकर एक बड़ा संदेश समाज में दिया है। वादी के वकील बलराज सिंह ने कहा, वह शुरू से दोनों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे।
यह था मामला
यह मामला 12 अप्रैल 2025 को सामने आया था, जब अमित कश्यप अपने घर में मृत पाए गए थे। शव के पास सांप मिलने के कारण शुरुआत में मौत को सर्पदंश से जोड़कर देखा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई। पुलिस ने रविता से कड़ी पूछताछ की तो सारा सच सामने आ गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, हत्या के बाद शव के पास सांप छोड़कर मौत को सर्पदंश दिखाने की कोशिश की गई थी।