राहुल के आरोप पर भारी हंगामा

राहुल के आरोप पर भारी हंगामा

काँग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर लोकसभा में बुधवार को भारी हंगामा हुआ। राहुल का सदन में संबोधन पूरा नहीं हो सका।

लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। सत्ता पक्ष ने राहुल के शब्दों को असंसदीय बताया।

लेकिन बड़ा शोर शराबा उस वक्त शुरू हो गया जब राहुल गांधी ने कहा, 'गृह मंत्री डरे हुए हैं। उन्होंने भारत के छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया।'

इस पर आपत्ति करते हुए संसदीय कार्य मंत्री कीरेन रिजिजु ने कहा,’कौन सा आर्डर है आप उसे दिखाइए जिसमें गृह मंत्री ने फ़ायरिंग का आर्डर दिया। आप बोलकर ऐसे नहीं जा सकते। आपने बहुत गंभीर आरोप लगाया है। आप माफी मांगिये।’

लोकसभा में क्या हुआ

हाईलाइट

 

राहुल गांधी क़रीब 50 मिनट बोले

भाषण पूरा नहीं हो पाया

राहुल ने कहानी से भाषण शुरू किया

राहुल ने तीन तरह के छात्र बताये

विपक्ष के नेता शब्दों पर विवाद हुआ

संसदीय कार्य मंत्री ने असंसदीय बताया

काँग्रेस नेता नेता ने बल प्रयोग पर घेरा

राजनाथ ने स्थिति संभाने का प्रयास किया

अखिलेश यादव ने भी मामले मे हस्तक्षेप किया

सदन में विधेयक पर चर्चा के दूसरे दिन बुधवार को राहुल गांधी ने चर्चा मे हिस्सा लेते हुए आरोप लगाया कि छात्रों पर पैलेट गन फ़ायरिंग का आदेश गृह मंत्री ने दिया। उनके इस आरोप के बाद शोर शराबा होने लगा।

शोर शराबे के बीच समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता दरअसल सरकार से जानना चाहते हैं कि फ़ायरिंग का आरोप किसने दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अगर सदन में मौजूद होते तो वह इसे स्पष्ट कर सकते थे। राहुल ने भी गृहमंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल किया था।

इस पर रिजिजु ने कहा कि राहुल ने ऐसी बात नहीं कही है बल्कि उन्होंने सीधे सीधे आरोप लगाया है जो ग़लत है।

इससे पहले राहुल के कुछ शब्दों को लेकर भी हंगामा हुआ। राहुल ने अपनी बात एक छात्र के हवाले से कहते हुए ‘मूर्ख’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया। इसपर भी रिजिजु ने कहा कि जिन शब्दों का इस्तेमाल विपक्षी नेता कर रहे हैं वो असंसदीय हैं।

मामले में हस्तक्षेप करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अध्यक्ष ओम बिरला से आपत्तिजनक शब्दों को सदन की कार्यवाही से निकालने का अनुरोध किया । लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आपत्तिजनक बातों को हटा दिया जायेगा।

इससे पहले राहुल ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ मुखौटा थे।

राहुल गांधी के भाषण के दौरान अध्यक्ष ने कई बार स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन हंगामा नहीं रुका।सत्ता पक्ष और राहुल गांधी अपने अपने रुख़ पर अड़े रहे।आख़िरकार अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन जब दोबारा बैठ तो फिर हंगामा होता रहा जिसके बाद सदन को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।  तीन बजे बैठक शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देना शुरू कर दिया और उसके बाद विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

राहुल गांधी के भाषण के दौरान अध्यक्ष ने कई बार स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन हंगामा नहीं रुका। सत्ता पक्ष और राहुल गांधी अपने अपने रुख़ पर अड़े रहे। आख़िरकार अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी।