राार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान काँग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी के एक बयान का जिक्र किया जिसके बाद सदन में शोर शराबा होने लगा।
प्रियंका ने अपने संबोधन के दौरान जोशी के बयान का हवाला देते हए कहा कि उन्होंने 'बलात्कार'जो के संबंध में जो बयान दिया था उसके प्रमाण वह प्रस्तुत कर देंगी। उनके बयान पर संसदीय कार्यमंत्री कीरेन रिजीजू खड़े हो गये और उन्होंने इस पर आपत्ति करते हुए इसे कार्रवाई से हटाने की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से माँग की।
इसीी बीच बीजेपी के कई अन्य सदस्य भी खड़े हो गये। शोर शराबा मचते ही प्रियंका अपनी जगह पर खड़ी खड़ी ख़ामोश हो गईं। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि प्रियंका ने जो कहा है उसे उन्हें पहले आथंटिकेट authenticate करना चाहिए।
लोकसभाध्यक्ष ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि किसी भी सदस्य को किसी दूसरे सदस्य पर आरोप लगाने से पहले नियमानुसार उसकी समुचित सूचना उसे और अध्यक्ष को देना चाहिए।
अध्यक्ष के हस्तक्षेप और टिप्पणी को कार्वाई से हटाने के बाद मामला शांत होने पर प्रियंका ने अपना भाषण आगे शुरू किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने सरकार से कई सवाल किये और कहा नई पीढ़ी के साथ जुड़ने के लिए प्रधानमत्री को कैमरा एंगल की बजाय दिल का एंगल बदलना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने की, उनपर लाठियां बरसाने कीक्या जरूरत थी। उन्होंने नौजवान लड़कियों को जलील करने, कपड़े फाड़ने और पीटे जाने पर भी सवाल किया। उन्होंने पैलेट गन, AK-47 को लेकर भी सरकार को घेरा।