गतिरोध टुटा, परीक्षा विधेयक पर शुरू हुई चर्चा

गतिरोध टुटा, परीक्षा विधेयक पर शुरू हुई चर्चा

संसद चलाने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध मंगलवार को टूटने के साथ ही सरकार ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (संशोधन) public exam (amendment) बिल पर चर्चा  शुरू करा दी।

मंगलवार को भी सदन की कार्ववाही proceedings शुरू होने पर हंगामा हुआ लेकिन दो बजे जब सदन के फिर बैठने पर स्थिति सामान्य हो गई और केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने चर्चा के लिए बिल पेश किया।

इस विधेयक पर चर्चा सरकार दस घंटे तक का समय देने को तैयार दिखाई दी। संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष अगर चाहता है तो सरकार दस घंटे तक चर्चा को तैयार है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि चूंकि इस विधेयक का समय बिज़नेस एडवाइजरी कमेटी business advisory comitee में तय नहीं हुआ है अत: सदन की सहमति से समय तय किया जा सकता है।

विधेयक पर चर्चा शुरू करते हुए जितेन्द्र सिंह Jitendra Singh ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के अनुरूप परीक्षाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए संशोधन लेकर आई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ही 2024 में यह क़ानून पारित कराया था।

अपने भाषण के दौरान जितेंद्र सिंह UPA के समय हुए पेपर लीक paper leak की लिस्ट गिनाई। उन्होने कहा कि वह अगर इनकी लिस्ट बनाते रहे तो बिल पर चर्चा नहीं कर पाएंगे।

2009- रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड

2011- ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन

2012- AIIMS नई दिल्ली एंट्रेंस पेपर लीक

2013- महाराष्ट्र सेकेंडरी सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन 2010- B.Ed. एंट्रेंस एग्जामिनेशन, उत्तर प्रदेश

2012- तमिलनाडु पब्लिक सर्विस कमीशन

2009- वेस्ट बंगाल जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम

उन्होंने कहा कि इन पेपर लीक को देखते हुए उनकी सरकार को एक खास कानून की ज़रूरत महसूस हुई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के तहत चार बड़ी रिक्रूटमेंट एजेंसियां ​​हैं- UPSC, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल; और इसी तरह, हायर एजुकेशन में एडमिशन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है।

उन्होंने कहा कि NTA भी उन्हीं की सरकार ने 2017 में बनाई थी। उन्होंने कहा कि 1992 में पहली बार कांग्रेस पार्टी की अगुवाई वाली भारत सरकार से एक कॉमन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने की सिफारिश की गई थी। फिर, 2010 में, UPA के कार्यकाल के दौरान, एक कमेटी ने भी यही सुझाव दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘ मुझे नहीं पता कि इस पर ठीक से विचार क्यों नहीं किया गया, चाहे जो भी कारण या निजी हित रहे हों। इसलिए, मुझे लगता है कि आपको प्रधानमंत्री मोदी और इस सरकार की तारीफ़ करनी चाहिए। इसने एक ऐसा काम पूरा किया हैएक अधूरा कामजिसे आपको खुद पूरा करना चाहिए था।"