भारत से विदाई पर भावुक हुईं ब्रिटिश राजदूत कैमरॉन, बोलीं- फिर मिलेंगे

भारत से विदाई पर भावुक हुईं ब्रिटिश राजदूत कैमरॉन, बोलीं- फिर मिलेंगे
  • ढाई साल के कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन संबंधों में प्रगति का दावा
  • विजन 2035 फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर को बताया अहम उपलब्धि
  • मुक्त व्यापार समझौते और रक्षा, तकनीक, जलवायु सहयोग का जिक्र
  • कैमरॉन ने कहा, भारत-ब्रिटेन साझेदारी में अभी बहुत कुछ होना बाकी

Lindy Cameron India Farewell: भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरॉन का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। भारत से विदाई से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया है। इसमें उन्होंने भारत में बिताए समय, यहां से जुड़ी यादों और भारत-ब्रिटेन संबंधों में आई प्रगति पर गर्व जताया। अपने संदेश के अंत में उन्होंने हिंदी में ‘फिर मिलेंगे’ लिखकर भारत से विदाई के भाव को भी व्यक्त किया।

कैमरॉन ने X पर लिखा कि भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त के रूप में उनका समय समाप्त हो रहा है, लेकिन वह यहां से कई यादों और भावनाओं से भरे दिल के साथ जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन की साझेदारी पहले की तुलना में अधिक व्यापक और महत्वाकांक्षी हुई है। दोनों देशों की सरकारों, कारोबार जगत और लोगों के बीच संबंध पहले से अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने इस साझेदारी को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाने पर गर्व जताया।

ढाई साल में दोनों देशों के बीच कई अहम पहल

लिंडी कैमरॉन ने अपने संदेश में पिछले ढाई साल के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच हुए समझौतों और सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में दोनों देशों ने मिलकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किए गए ‘विजन 2035’ फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर, ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने और रक्षा, प्रौद्योगिकी, जलवायु तथा शिक्षा के क्षेत्रों में नई साझेदारियों को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया।

कैमरॉन के मुताबिक, इन पहलों से दोनों देशों में विकास को गति देने वाले नए संपर्क और सहयोग के अवसर बने हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत-ब्रिटेन संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कारोबार और दोनों देशों के नागरिकों के बीच बढ़ते संपर्क भी इस साझेदारी का अहम हिस्सा हैं।

‘अभी बहुत कुछ होना बाकी है’

अपने विदाई संदेश में कैमरॉन ने भारत-ब्रिटेन संबंधों के भविष्य को लेकर भी उम्मीद जताई।  उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग की दिशा में अभी बहुत कुछ होना बाकी है।