- रामनगर के पंचवटी मैदान में रामलीला के दौरान उग्र हुआ हाथी
- सुरक्षा के लिए मैदान और आसपास दो किलोमीटर तक बैरिकेडिंग
- हाथी को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और विशेषज्ञ टीम जुटी
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Ramnagar Ramlila Elephant Attack: रामनगर के प्रसिद्ध पंचवटी मैदान में रविवार को रामलीला के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब आजमगढ़ से लाया गया एक हाथी अचानक उग्र हो गया। हाथी ने अपने ही महावत को उठाकर कई बार जमीन पर पटक दिया। इस हमले में महावत गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर मैदान और आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी।
रामलीला की सवारी के लिए लाया गया था हाथी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला में शामिल होने के लिए हाथी को विशेष रूप से आजमगढ़ से लाया गया था। इस हाथी पर सवार होकर काशीराज परिवार के डॉ. अनंत नारायण सिंह के पुत्र रामलीला की सवारी और दर्शन करते हैं। रविवार को अचानक हाथी का मिजाज बिगड़ गया और उसने महावत पर हमला कर दिया।
हाथी के अप्रत्याशित व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोग अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
गंभीर हालत में महावत, बीएचयू ट्रामा सेंटर में उपचार
हाथी के हमले में घायल महावत को तत्काल लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल महावत की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी।
दो किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पंचवटी मैदान और आसपास के करीब दो किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया। पुलिस ने स्थानीय निवासियों और रामलीला देखने पहुंचे श्रद्धालुओं से प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की अपील की, ताकि हाथी के दोबारा उग्र होने की स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
हाथी को नियंत्रित करने में जुटा प्रशासन
हाथी के उग्र होने के बाद पुलिस और प्रशासन उसे सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के प्रयास में जुट गए। इसके लिए विशेषज्ञ टीम को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों की प्राथमिकता हाथी को काबू में करने और लोगों को उसके करीब जाने से रोकने की रही।
समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाथी को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका था। प्रशासन की ओर से लोगों को बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने और सतर्क रहने की अपील की जा रही थी। रामलीला जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के दौरान हुई इस घटना से इलाके में भय का माहौल बना हुआ था।